रत्ना चट्टोपाध्याय, फोटो- सोशल मीडिया
Behala West Vandalism: पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनावी बिगुल बजने के साथ ही हिंसा और टकराव की खबरें एक बार फिर सुर्खियां बनने लगी हैं। ताजा मामला दक्षिण 24 परगना जिले के बेहद महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र बेहाला पश्चिम का है, जहां बंगाल चुनाव की सरगर्मी ने उस वक्त हिंसक रूप ले लिया जब भाजपा के एक दफ्तर को निशाना बनाया गया।
राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता जब सड़क पर हिंसक झड़पों में बदल जाती है, तो इसका सबसे बुरा असर क्षेत्र की शांति और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर पड़ता है। हाल ही में हुई इस तोड़फोड़ के बाद इलाके का माहौल पूरी तरह बदल गया है। अब इस पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई की शुरुआत हो चुकी है और सत्ता पक्ष की एक बड़ी नेता सीधे तौर पर जांच के घेरे में आ गई हैं।
बेहाला पश्चिम के परनाश्री इलाके में तनाव की शुरुआत बहुत मामूली बात से हुई थी। खबरों के मुताबिक, राजनीतिक दलों के बीच चुनावी पोस्टर लगाने को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जिसने देखते ही देखते एक बड़ी झड़प का रूप ले लिया। भाजपा के उम्मीदवार इंद्रनील खान का आरोप है कि टीएमसी के समर्थकों ने उनके स्थानीय चुनाव कार्यालय में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। इस हमले में कार्यालय के भीतर रखे फर्नीचर और प्रचार सामग्री को काफी नुकसान पहुंचाया गया है।
कोलकाता, जिसे कभी तृणमूल कांग्रेस का गढ़ माना जाता था, उसमें दरारें दिखने लगी हैं, और निराशा साफ़ दिख रही है।
बेहाला पश्चिम के परनाश्री में BJP के चुनाव ऑफिस पर TMC के गुंडों ने TMC उम्मीदवार रत्ना चटर्जी की मौजूदगी में हमला किया।
हैरानी की बात है कि पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन… https://t.co/iVFZuv3M3N pic.twitter.com/OM6IDoH9tn — Sainidan. Ratnu. Ex. Adm.Judicial Officer (@Sainidan1) April 6, 2026
यह घटना इसलिए भी गंभीर हो जाती है क्योंकि यह दिन-दहाड़े और सरेआम हुई, जिससे आम लोगों की सुरक्षा पर भी सवालिया निशान लग गए हैं। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 5 अप्रैल 2026 को टीएमसी की मौजूदा विधायक और उम्मीदवार रत्ना चट्टोपाध्याय समेत अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
इस घटना के बाद भाजपा उम्मीदवार इंद्रनील खान ने केवल प्रतिद्वंद्वी पार्टी पर ही नहीं, बल्कि कोलकाता पुलिस पर भी तीखे हमले किए हैं। उनका दावा है कि जब टीएमसी के कार्यकर्ता उनके दफ्तर में तोड़फोड़ कर रहे थे, तब मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी और सुरक्षाकर्मी मूकदर्शक बने रहे। खान ने यहां तक आरोप लगाया कि पुलिस ने तोड़फोड़ करने वालों को एक तरह से ‘संरक्षण’ प्रदान किया और यह सुनिश्चित किया कि हमला बिना किसी बाधा के पूरा हो। इसके बाद टीएमसी नेता ने भी अपना पक्ष रखा। वीडियो में देखिए उन्होंने क्या कहा।
#WATCH | Kolkata, West Bengal: On BJP candidate from Behala Paschim Assembly constituency, Indranil Khan, alleges that TMC workers vandalised the BJP’s Behala Paschim Election Office, TMC candidate from Behala Paschim Assembly constituency Ratna Chatterjee says, “I have a video.… pic.twitter.com/dW10kO64fb — ANI (@ANI) April 5, 2026
परनाश्री थाने में दर्ज कराई गई अपनी शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के तीन घंटे बीत जाने के बाद भी वहां केंद्रीय बल तैनात नहीं किए गए थे। एक आम नागरिक के लिए पुलिस की ऐसी संदिग्ध भूमिका कानून के शासन पर से भरोसा कम करने वाली है। बेहाला पश्चिम सीट पर इस बार मुकाबला चतुष्कोणीय है, जहां रत्ना चट्टोपाध्याय और इंद्रनील खान के अलावा माकपा के निहार भक्त और कांग्रेस के सैबल रॉय भी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
A glaring example of chronic lawlessness and TMC’s Mahajungle Raj. TMC goons attacked the office of BJP’s Behala Paschim candidate and @BJYMinWB President Dr. @IndranilKhan today. The office was attacked in broad daylight in the presence of Kolkata Police. Losers resort to… pic.twitter.com/wmqVu4Un5C — BJP West Bengal (@BJP4Bengal) April 5, 2026
बेहाला में हुई इस हिंसा से एक दिन पहले, 5 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कूच बिहार की अपनी रैली में बंगाल की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर कड़ा प्रहार किया था। प्रधानमंत्री ने टीएमसी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि राज्य में कानून-व्यवस्था को जड़ से उखाड़ फेंकने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बंगाल को ‘शक्ति पूजा’ की धरती बताते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण का वादा किया और यह साफ संदेश दिया कि 4 मई के बाद कानून अपना काम कड़ाई से करेगा।
प्रधानमंत्री ने अपनी सभा में यह भी चेतावनी दी कि बंगाल के लोगों की गाढ़ी कमाई लूटने वाले हर भ्रष्ट व्यक्ति को जवाबदेह ठहराया जाएगा और लूटी गई संपत्ति लौटानी होगी। बेहाला की घटना को प्रधानमंत्री के इस बयान की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है, जहां विपक्ष अब राज्य सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने का सीधा आरोप लगा रहा है।
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जैसे-जैसे बंगाल चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, बेहाला पश्चिम का चुनावी रण अब केवल दावों और वादों तक सीमित नहीं रहा है। रत्ना चट्टोपाध्याय, जो इस क्षेत्र की मौजूदा विधायक हैं, उनके खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद टीएमसी बैकफुट पर नजर आ रही है। वहीं, भाजपा इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाकर यह साबित करने की कोशिश कर रही है कि राज्य में उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए काम करना कितना जोखिम भरा है। निर्वाचन आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और परनाश्री पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के बाद जांच तेज कर दी गई है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि बेहाला की जनता इस हिंसा का जवाब ईवीएम के जरिए किस तरह देती है।