

Prakash Ambedkar On SIR: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही राज्य की राजनीति में 'वोटर लिस्ट' को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। वंचित बहुजन अघाडी (VBA) के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने शनिवार को एक सनसनीखेज दावा करते हुए निर्वाचन आयोग और सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
प्रकाश आंबेडकर ने मीडिया से बात करते हुए दावा किया कि महाराष्ट्र की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान लगभग 2.9 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं। आंबेडकर के अनुसार, यदि इतनी बड़ी संख्या में नाम काटे जाते हैं, तो इसका सीधा और व्यापक असर आगामी चुनावों के परिणामों पर पड़ेगा। उन्होंने इसे लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ बताते हुए कहा कि यह प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है।
आंबेडकर ने इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी की रणनीति पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी किसी ऐसे वार्ड के प्रभावित परिवार को मीडिया के सामने लाते, जहां SIR के तहत मतदाताओं के नाम हटाए गए हों, तो सरकार के कथित झूठ का पर्दाफाश आसानी से हो सकता था। उनके मुताबिक, जमीनी सबूतों के साथ सामने आने पर यह साबित हो जाता कि निर्वाचन आयोग किस तरह की 'धोखाधड़ी' कर रहा है।
प्रकाश आंबेडकर ने केवल बयानों तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि सोशल मीडिया पर भी एक विस्तृत पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा कि मतदाता सूची के संशोधन की प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं। इस गड़बड़ी के कारण राज्य के लाखों नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग करने से वंचित रह सकते हैं।
यह पहली बार नहीं है जब मतदाता सूची पर सवाल उठे हैं। महाराष्ट्र के कई विपक्षी दलों ने बार-बार यह आरोप लगाया है कि SIR का दुरुपयोग चुनिंदा समुदायों और विशेष विचारधारा वाले मतदाताओं को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। विपक्ष का मानना है कि सत्ता पक्ष को फायदा पहुंचाने के लिए उन क्षेत्रों की सूची छांटी जा रही है, जहां विपक्षी दलों का दबदबा है।
फिलहाल, चुनाव आयोग ने इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन आंबेडकर के इस बयान ने राज्य की सियासी सरगर्मी को और तेज कर दिया है।