यूडीएफ ने जारी किया घोषणापत्र, फोटो- सोशल मीडिया
Kerala Assembly Election 2026: केरल की 140 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले राज्य का सियासी पारा पूरी तरह चढ़ चुका है। कोच्चि में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) का घोषणापत्र जारी किया।
कांग्रेस के नेतृत्व वाले इस गठबंधन ने विकास और जनकल्याण के बीच एक ऐसा संतुलन बनाने की कोशिश की है, जो हर वर्ग के व्यक्ति को खुद से जोड़ता है। इस चुनावी दस्तावेज में शामिल वादे बताते हैं कि कैसे आने वाले समय में केरल की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में बड़े बदलाव आ सकते हैं।
समाज के सबसे अनुभवी और बुजुर्ग तबके के लिए यूडीएफ ने खुशियों का पिटारा खोला है। गठबंधन ने वादा किया है कि सत्ता में आने पर सामाजिक सुरक्षा पेंशन को बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रति माह किया जाएगा। इसके साथ ही, ‘करुण्य बेनेवोलेंट फंड’ को दोबारा शुरू करने की बात कही गई है, जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे गरीब परिवारों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं होगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को घर-घर तक पहुंचाने के लिए गरीब परिवारों को मुफ्त डायलिसिस की सुविधा देने का भी संकल्प लिया गया है। यह सीधे तौर पर उस आम आदमी को राहत देगा जो इलाज के भारी-भरकम खर्च के नीचे दबा हुआ है।
केरल की 600 किलोमीटर लंबी खूबसूरत तटरेखा अब केवल पर्यटन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह राज्य की अर्थव्यवस्था का इंजन बनेगी। यूडीएफ ने अपने सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘मिशन समुद्र’ का ऐलान किया है, जिसका लक्ष्य केरल को एक ग्लोबल मैरीटाइम हब बनाना है।
इस योजना के तहत राज्य की 44 नदियों और बंदरगाहों के नेटवर्क को आपस में जोड़कर जल परिवहन और कार्गो सेवाओं को वैश्विक स्तर पर पहुंचाया जाएगा। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए एक ‘जॉब वॉच टावर’ भी बनाया जाएगा, जो दुनिया भर में नौकरी के रुझानों पर नजर रखेगा और उसी के अनुसार शिक्षा व्यवस्था में बदलाव करेगा। विमानन क्षेत्र में भी नए टर्मिनल और लॉजिस्टिक्स पार्क बनाने की योजना है, जिससे राज्य में विदेशी निवेश और व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे।
यूडीएफ के दावों की मानें तो महंगाई की मार झेल रहे आम परिवारों और कामकाजी महिलाओं के लिए भी इस घोषणापत्र में खास प्रावधान किए गए हैं। यूडीएफ ने ‘इंदिरा कैंटीन’ शुरू करने का वादा किया है, जहां बहुत ही कम कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध होगा।
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इसके अलावा, राशन व्यवस्था को और अधिक सुलभ और सस्ता बनाने पर जोर दिया गया है। महिलाओं के लिए न केवल सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे, बल्कि उनके रोजगार के लिए विशेष आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। छोटे उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए 10,000 एमएसएमई (MSME) इकाइयों को 100 करोड़ के टर्नओवर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए रिवॉल्विंग और टेक्नोलॉजी फंड जैसे वित्तीय साधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
यूडीएफ के इस विजन में बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़ा एंटी-रैगिंग कानून और विदेशों में पढ़ाई के लिए विशेष स्कॉलरशिप देने का वादा किया गया है। किसानों और मछुआरों के लिए रबर के समर्थन मूल्य में वृद्धि और डीजल सब्सिडी जैसे प्रावधान किए गए हैं। विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल चुनावी वादे नहीं हैं, बल्कि इनकी हर महीने समीक्षा की जाएगी ताकि जनता को उनका हक समय पर मिल सके।
एजेंसी इनपुट के साथ