शुभेंदु अधिकारी, फोटो- सोशल मीडिया
West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां अब अपने चरम पर पहुंचने लगी हैं और चुनावी मैदान में सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। हावड़ा के बाली इलाके में आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान जो कुछ भी हुआ, उसने एक बार फिर राज्य की चुनावी फिजा में कड़वाहट और तनाव को साफ तौर पर जाहिर कर दिया है।
बीते दिन विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी अपने हजारों समर्थकों के साथ प्रचार करने निकले थे, लेकिन अचानक हुई नारेबाजी और हंगामे ने माहौल को पूरी तरह बदल कर रख दिया। इस मौके पर शुवेंदु गुस्से से तमतमाए नजर आए।
हावड़ा जिले का बाली विधानसभा क्षेत्र बुधवार को उस समय किसी सियासी अखाड़े में तब्दील हो गया जब भारतीय जनता पार्टी की ओर से एक बड़ा रोड शो निकाला गया। यह रैली भाजपा प्रत्याशी संजय सिंह के समर्थन में आयोजित की गई थी, जिसमें पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी खुद मुख्य चेहरा थे। रैली जैसे ही आगे बढ़ी, वहां पहले से ही मौजूद तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने जय बांग्ला और अन्य कई राजनीतिक नारे लगाने शुरू कर दिए।
देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया और शुभेंदु अधिकारी अपना आपा खो बैठे। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है जिसमें कार्यकर्ताओं के बीच होती धक्का-मुक्की और नारेबाजी को साफ देखा जा सकता है।
#WATCH | West Bengal Assembly LoP Suvendu Adhikari loses his cool at TMC workers interrupting the BJP road show in the Bali assembly constituency of Howrah district, organised in support of BJP candidate Sanjay Singh. Adhikari, the BJP candidate for both the Nandigram and… pic.twitter.com/hIoqnzY8Du — ANI (@ANI) April 15, 2026
इस हंगामे के दौरान शुभेंदु अधिकारी टीएमसी कार्यकर्ताओं पर जमकर बरसते हुए नजर आए और उन्होंने प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने मीडिया और अपने समर्थकों के सामने गंभीर आरोप लगाया कि जब वे करीब पांच हजार लोगों के साथ शांतिपूर्ण तरीके से अपना चुनाव प्रचार कर रहे थे, तब विरोधी दल के समर्थकों ने जानबूझकर भड़काऊ नारेबाजी की। उनका स्पष्ट कहना था कि यह सब इलाके का माहौल बिगाड़ने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है ताकि चुनाव प्रचार में बाधा डाली जा सके।
यह भी पढ़ें: तमिलनाडु लड़ेगा और जीतेगा…, परिसीमन प्रस्ताव के विरोध में उतरे MK स्टालिन, काला झंडा फहराकर जलाई बिल की कॉपी
इस घटना से बेहद नाराज होकर भाजपा नेता ने बाली थाने के प्रभारी अधिकारी को तत्काल उनके पद से हटाने की कड़े लहजे में मांग कर दी है। शुभेंदु अधिकारी का मानना है कि पुलिस की प्रत्यक्ष मौजूदगी में इस तरह की घटना होना सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है। गौरतलब है कि अधिकारी खुद नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों ही महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्रों से भाजपा के उम्मीदवार हैं।
आगामी 23 अप्रैल को पहले चरण का मतदान होना है और निर्वाचन आयोग इसे पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए जुटा हुआ है। राज्य के संवेदनशील राजनीतिक मिजाज और पिछले अनुभवों को देखते हुए इस बार सुरक्षा के बेहद कड़े और अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। आयोग ने यह बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है कि पहले चरण के दौरान केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की कुल 2,407 कंपनियां पूरे राज्य के विभिन्न कोनों में तैनात की जाएंगी।
सुरक्षा बलों ने अभी से ही विभिन्न संवेदनशील इलाकों और गांवों में फ्लैग मार्च करना शुरू कर दिया है ताकि आम मतदाताओं के मन में सुरक्षा का भाव पैदा हो सके और वे बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।