Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

पेरावूर का ‘पॉवर गेम’: शैलजा टीचर बनाम सनी जोसेफ, क्या ढह जाएगा कांग्रेस का 15 साल पुराना किला?

Peravoor Constituency: केरलम के पेरावूर में इस बार दिग्गजों की जंग है। कांग्रेस के गढ़ में वामपंथी चेहरा शैलजा टीचर की एंट्री ने मुकाबले को रोमांचक बना दिया है। जानिए क्या है इस सीट का हिसाब-किताब।

  • Written By: प्रतीक पांडेय
Updated On: Mar 29, 2026 | 10:13 AM

फोटो- नवभारत

Follow Us
Close
Follow Us:

Kerala Assembly Election 2026: केरलम के कन्नूर जिले की शांत पहाड़ियों और रबर के बागानों के बीच बसा पेरावूर विधानसभा क्षेत्र इस वक्त एक ‘सियासी ज्वालामुखी’ बना हुआ है। वैसे तो यह इलाका अपनी प्राकृतिक सुंदरता और खेती-किसानी के लिए जाना जाता है, लेकिन 2026 के विधानसभा चुनाव ने इसे राज्य के सबसे बड़े सियासी अखाड़े में तब्दील कर दिया है।

पेरावूर में मुकाबला सिर्फ दो उम्मीदवारों के बीच नहीं, बल्कि दो विचारधाराओं और दो कद्दावर शख्सियतों की साख के बीच है। एक तरफ कांग्रेस के ‘अजेय’ योद्धा सनी जोसेफ हैं, तो दूसरी तरफ वामपंथ का सबसे बड़ा चेहरा और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के.के. शैलजा टीचर हैं।

क्या मट्टन्नूर का रिकॉर्ड पेरावूर में दोहराया जाएगा?

केरलम की राजनीति में ‘टीचर’ के नाम से मशहूर के.के. शैलजा का पेरावूर के मैदान में उतरना किसी बड़े धमाके से कम नहीं है। 2021 में मट्टन्नूर सीट से रिकॉर्ड अंतर से जीतने वाली शैलजा को माकपा (CPI-M) ने इस बार कांग्रेस के इस गढ़ को ढहाने की जिम्मेदारी सौंपी है।

सम्बंधित ख़बरें

बंगाल चुनाव: BJP की चार्जशीट पर भड़की TMC, महुआ मोइत्रा भूल गईं मर्यादा! तमतमाकर बोलीं- ‘सठिया गए हो, और…’

असम चुनाव: अबकी बार 90 पार! अमित शाह ने गुवाहटी में किया रोड शो, दिखाई BJP की ताकत; कही यह बड़ी बात

EXPLAINER: बायोमेट्रिक वोटिंग सिस्टम कैसे करेगा फर्जी वोटिंग खत्म? जानिए इसके फायदे, चुनौतियां और असर

बंगाल चुनाव: अपने ही नेता पर गरजी ममता बनर्जी! चुनाव से पहले दिया बड़ा संदेश; जानें क्या है पूरा मामला?

 

हालांकि, राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि उन्हें सुरक्षित सीट से हटाकर पेरावूर भेजना पार्टी के भीतर की प्रतिद्वंद्विता का हिस्सा हो सकता है, लेकिन शैलजा इन दावों को सिरे से खारिज करती हैं। उनका कहना है कि वे मूल रूप से पेरावूर की ही हैं और यहीं से उन्होंने अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था। शैलजा को भरोसा है कि कोरोना काल में उनके द्वारा किए गए कार्यों और जमीनी स्तर पर उनकी पकड़ की वजह से जनता इस बार बदलाव के लिए तैयार है।

क्या ‘हैट्रिक’ के बाद भी सुरक्षित हैं सनी जोसेफ?

पेरावूर ऐतिहासिक रूप से कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ का मजबूत किला रहा है। निवर्तमान विधायक और वर्तमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट सनी जोसेफ इस सीट से लगातार तीन बार जीत दर्ज कर चुके हैं। जोसेफ के लिए यह चुनाव उनकी प्रतिष्ठा का सवाल है क्योंकि वे न केवल स्थानीय विधायक हैं, बल्कि राज्य में कांग्रेस के बड़े चेहरा भी हैं। कुल मिलाकर इस सीट पर टक्कर कांटे की दिखाई दे रही है।

उनका तर्क है कि वे हर समय अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के बीच मौजूद रहते हैं और जनता उनके काम से पूरी तरह संतुष्ट है। हालांकि, 2021 के चुनावों में उनकी जीत का अंतर महज 3,172 वोट रह गया था, जो यह संकेत देता है कि वामपंथी गठबंधन यहां तेजी से अपनी जमीन मजबूत कर रहा है।

पेरावूर के मतदाता के मन में क्या चल रहा है?

पेरावूर की चुनावी जंग में स्थानीय मुद्दे काफी गहरे हैं। यह एक ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्र है जहां की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से रबड़, काली मिर्च और मसालों की खेती पर टिकी है। यहां के किसानों, जिनमें बड़ी संख्या त्रावणकोर क्षेत्र से आए प्रवासी ईसाइयों की है, की अपनी समस्याएं हैं। सबसे बड़ा मुद्दा इंसान और जंगली जानवरों के बीच बढ़ता संघर्ष है, जिसने पहाड़ी इलाकों के लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है।
इसके अलावा बुनियादी ढांचा, रोजगार के अवसर और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब हर मतदाता तलाश रहा है। यहां का मतदाता किसी लहर के बजाय ठोस काम और उम्मीदवार की उपलब्धता के आधार पर फैसला लेने के लिए जाना जाता है।

यह भी पढ़ें: अबकी बार 90 पार! अमित शाह ने गुवाहटी में किया रोड शो, दिखाई BJP की ताकत; कही यह बड़ी बात

क्या भाजपा बिगाड़ सकती है खेल?

भले ही मुख्य मुकाबला एलडीएफ और यूडीएफ के बीच दिख रहा हो, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की बढ़ती मौजूदगी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। 2021 में भाजपा उम्मीदवार को करीब 6.44% वोट मिले थे, जो यह बताता है कि यहां बहुकोणीय मुकाबला अब और तीव्र हो रहा है।

इस बार भाजपा ने भी अपनी सक्रियता बढ़ाई है, जिससे वोटों के ध्रुवीकरण की संभावना बढ़ गई है। 1.77 लाख से अधिक मतदाताओं वाले इस क्षेत्र में मतदान का प्रतिशत अक्सर 80% के पार रहता है, जो जनता की राजनीतिक भागीदारी को दर्शाता है।

Peravoor assembly seat election 2026 kk shailaja vs sunny joseph keralam

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Mar 29, 2026 | 10:13 AM

Topics:  

  • Assembly Election 2026
  • Kerala
  • Keralam Assembly Election

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.