ममता बनर्जी (सोर्स- सोशल मीडिया)
West Bengal Election 2026: ममता बनर्जी ने गुरुवार को पाणडवेश्वर में आयोजित एक रैली में मतदाता सूची को लेकर चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, खासतौर पर उन क्षेत्रों में जहां उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस को पहले से बढ़त मिलती रही है। साथ ही ममता बनर्जी ने कहा कि पहले 1 करोड़ 20 लाख लोगों के नाम हटाने की बात कही गई थी और पहले ही 58 लाख वोटरों के नाम हटा दिए गए हैं।
इसके अलावा ममता बनर्जी ने यह साफ कहा कि उनकी टीएमसी उन सभी लोगों की कानूनी मदद करेगी जिनके नाम काटे गए हैं। इसके अलावा उन्होंने यह भी कह कि जिन लोगों के नाम काटे गए हैं। वह ट्रिब्यूनल कोर्ट में अपील करें।
ममता बनर्जी ने लोगों को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि पहले 1 करोड़ 20 लाख लोगों के नाम हटाने की बात कही गई। और पहले ही 58 लाख लोगों के नाम हटाए जा चुके हैं। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन बूथों पर नाम काटे गए हैं। उन बूथों पर लिस्ट लगाकर लोगों को जानकारी भी नहीं दी गई। ममता बनर्जी ने यह भी दावा किया कि उन्हें कहीं से पता चला है कि 40 परसेंट नाम हटाए गए हैं और 60 परसेंट नाम रखे गए हैं।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आगे कहा कि संविधान खतरे में है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लगातार कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा उन्होंने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा की कि जिन भी लोगों के नाम काटे गए हैं उन लोगों को कानूनी सलाह दी जाए और हर संभव कानूनी मदद की जाए।
पश्चिम बंगाल की बसीरहाट उत्तर विधानसभा क्षेत्र से हैरान करने वाला मामला सामने आया। दरअसल, क्षेत्र में जो सूची प्रकाशिक की गई है, उसमें भारी मात्रा में मुस्लिम वोटरों के नाम नहीं हैं। जिनके नाम काटे गए हैं वह सभी मतदाता बोरो गोबरा गांव के बूथ नंबर 5 के हैं। यहां तक की उस एरिया के बीएलओ का नाम तक सूची में नहीं है।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में होने हैं। पहले चरण के लिए वोटिंग 23 अप्रैल को की जाएगी, जबकि दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। पहले चरण में 152 सीटों को चुना गया है और वहीं दूसरे चरण में 142 सीटों पर वोटिंग होगी और परिणाम 4 मई को आएगा।