ममता बनर्जी की हत्या की साजिश! बंगाल चुनाव के बीच सिटिंग सीएम के दावे ने बढ़ाई सियासी धड़कनें, क्या बोली BJP?

West Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी जान को खतरा बताते हुए हत्या की साजिश का दावा किया है, जिस पर कांग्रेस और राजद ने चिंता जताई है।
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ममता बनर्जी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Mamata Banerjee Life Threat: पश्चिम बंगाल की धरती राजनीतिक संग्राम का केंद्र बनी हुई है। विधानसभा चुनावों की गहमागहमी के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक बयान ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

सोमवार को जब वे राज्य के चुनावी दौरे पर थीं, तो उनके शब्दों ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी। एक मौजूदा मुख्यमंत्री का अपनी जान को खतरा बताना कोई सामान्य बात नहीं है और यही कारण है कि अब इस मुद्दे पर पक्ष-विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।

ममता का जान को खतरा वाला बड़ा बयान

तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने पुरुलिया के मनबाजार में एक जनसभा को संबोधित करते हुए यह सनसनीखेज दावा किया। उन्होंने मंच से स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी हत्या की साजिश रची जा रही है और उनकी जान को गंभीर खतरा है। चुनाव से ठीक पहले इस तरह का बयान आना राज्य के सियासी माहौल को और अधिक गर्म कर गया है।

ममता बनर्जी ने पहले भी भाजपा पर विपक्षी नेताओं के खिलाफ नफरत भरा माहौल बनाने का आरोप लगाया है। उनके इस दावे के बाद टीएमसी कार्यकर्ताओं में जहां रोष है, वहीं आम जनता के मन में भी चुनाव के दौरान होने वाली संभावित हिंसा को लेकर डर बैठ गया है। मुख्यमंत्री का यह आरोप सीधे तौर पर उन ताकतों की ओर इशारा करता है जो बंगाल की सत्ता पर काबिज होने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।

कांग्रेस-RJD ने की मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग

ममता बनर्जी के इस गंभीर दावे पर विपक्षी गठबंधन के साथियों ने तुरंत अपनी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि यदि कोई पद पर बैठा मुख्यमंत्री अपनी जान को खतरा बता रहा है, तो इसे अत्यंत गंभीरता से लिया जाना चाहिए। श्रीनेत ने मांग की है कि इस मामले पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जैसे शीर्ष स्तर के अधिकारियों को तुरंत ध्यान देना चाहिए और इसकी गहन जांच होनी चाहिए।

कांग्रेस ने इसे राजनीति में बढ़ती नफरत का नतीजा बताया है और साथ ही राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की है। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने भी ममता बनर्जी का समर्थन करते हुए कहा कि उनके बयान को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि इन चुनौतियों के बावजूद ममता बनर्जी फिर से चुनाव जीतेंगी।

भाजपा ने किया तीखा पलटवार

दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी ने ममता बनर्जी के इन आरोपों को पूरी तरह से चुनावी स्टंट करार दिया है। भाजपा के राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि ममता बनर्जी को खुद से कोई खतरा नहीं है, बल्कि उनके शासनकाल में पश्चिम बंगाल की जनता खतरे में है। भाजपा का आरोप है कि ममता सरकार की गलत नीतियों के कारण राज्य में गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है।

भाजपा नेताओं का कहना है कि जब कोई सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने में असमर्थ होती है, तो वह इसी तरह के 'विक्टिम कार्ड' का सहारा लेती है। भाजपा लगातार टीएमसी सरकार पर प्रशासनिक विफलता और कानून-व्यवस्था के ध्वस्त होने के आरोप लगाती रही है। ऐसे में यह विवाद अब केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सुशासन और दावों की लड़ाई बन गया है।

चुनाव करीब आते ही बढ़ी सरगर्मी

जैसे-जैसे मतदान की तारीखें करीब आ रही हैं, पश्चिम बंगाल में नफरत भरी बयानबाजी और व्यक्तिगत हमलों का दौर बढ़ता जा रहा है। ममता बनर्जी का दावा और उस पर भाजपा का कड़ा प्रहार यह दर्शाता है कि इस बार का चुनाव विकास के मुद्दों से कहीं ज्यादा आरोपों और प्रत्यारोपों पर केंद्रित हो गया है। टीएमसी का मानना है कि केंद्र सरकार और भाजपा नेता उन पर राजनीतिक बदले की भावना से दबाव बना रहे हैं

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