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Keralam Opinion Poll 2026: केरलम की 140 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल 2026 को होने वाले मतदान से ठीक पहले आए ओपिनियन पोल ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। मैटराइज के सर्वे के अनुसार, राज्य में किसी भी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत (71 सीटें) मिलता नहीं दिख रहा है।
जहां मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाला एलडीएफ 62-68 सीटों पर सिमटता दिख रहा है, वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ 67-73 सीटों के साथ सबसे बड़े गठबंधन के रूप में उभर सकता है। इस कड़े मुकाबले में एनडीए 05-08 सीटें जीतकर ‘गेमचेंजर’ साबित हो सकता है। यदि विधानसभा त्रिशंकु होती है, तो सत्ता की चाबी उन मुट्ठी भर सीटों के पास होगी जो किंगमेकर की भूमिका निभाएंगी।
सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि इस बार जनता का रुझान थोड़ा बदलता नजर आ रहा है। UDF को 42% वोट शेयर मिलने का अनुमान है, जबकि LDF को 39% वोट शेयर मिल सकता है। सबसे बड़ा उछाल एनडीए के खाते में देखा जा रहा है, जिसे 15% वोट शेयर मिलने की उम्मीद है। 2021 के चुनावों में एलडीएफ ने 99 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया था, जबकि एनडीए का खाता भी नहीं खुला था।
लेकिन इस बार, 15% वोट शेयर के साथ एनडीए राज्य के चुनावी नतीजों को गहराई से प्रभावित करने की ताकत रखता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एलडीएफ जहां अपनी ‘प्रगति रिपोर्ट’ के दम पर हैट्रिक लगाने की कोशिश में है, वहीं यूडीएफ 15 साल के सत्ता के सूखे को खत्म करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है।
| गठबंधन/ पार्टी | सीटें(अनुमानित) | वोट (%) | |
|---|---|---|---|
|
1
|
UDF | 67 – 73 | 42% |
|
2
|
LDF | 62 – 68 | 39% |
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3
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NDA | 05 – 08 | 15% |
|
4
|
अन्य | 00 – 03 | 4% |
केरलम की भौगोलिक राजनीति में इस बार भी उत्तर और दक्षिण के बीच एक स्पष्ट विभाजन दिखाई दे रहा है।
मलाबार क्षेत्र: यहां यूडीएफ काफी मजबूत स्थिति में है और उसे 25-27 सीटें मिल सकती हैं, जबकि एलडीएफ को 20-22 सीटों पर संतोष करना पड़ सकता है।
दक्षिण केरलम: इस हिस्से में वामपंथ का किला अभी भी सुरक्षित नजर आ रहा है, जहां एलडीएफ को 23-26 सीटें मिलने का अनुमान है, वहीं यूडीएफ 20-23 सीटों के बीच रह सकता है।
यह क्षेत्रीय संतुलन ही तय करेगा कि 4 मई को जब मतगणना होगी, तो तिरुवनंतपुरम की गद्दी पर कौन बैठेगा।
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चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में सभी दलों ने एक-दूसरे पर तीखे हमले किए हैं। कांग्रेस और राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि बीजेपी और माकपा के बीच ‘समझौता’ हुआ है, जबकि मुख्यमंत्री पी. विजयन ने दावा किया है कि उनकी सरकार ने 2021 के 97% वादे पूरे कर दिए हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने भी एनडीए उम्मीदवारों के लिए रोड शो कर माहौल को गरमा दिया है। राज्य के 2.71 करोड़ मतदाता अब 9 अप्रैल को 890 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद करेंगे।