सियासी शोर पर आज लगेगा ‘ब्रेक’, 3 राज्यों में थम जाएगा चुनाव प्रचार; तमिलनाडु में दिग्गजों का नामांकन आज
Assembly Election 2026: असम, केरल और पुडुचेरी में आज शाम चुनाव प्रचार थम जाएगा, जबकि तमिलनाडु में नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब दिग्गजों के बीच कांटे की टक्कर शुरू होगी।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
फोटो- AI
Assam Kerala Puducherry Election 2026: दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के राज्यों में चुनावी सरगर्मी अब अपने चरम पर पहुंच चुकी है। मंगलवार, 7 अप्रैल का दिन भारतीय लोकतंत्र के लिए बेहद अहम होने जा रहा है क्योंकि असम, केरल और पुडुचेरी में आज चुनाव प्रचार का शोर पूरी तरह से थम जाएगा।
इन दो राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की जनता अब शांत मन से अगले 48 घंटों में अपना फैसला तय करेगी, क्योंकि यहां 9 अप्रैल को मतदान होना है। अब अगले 48 घंटों के लिए ये शोर थम जाएगा और फिए पोलिंग बूथ पर एक बार फिर वोटर्स का अपनी-अपनी सरकार चुनने के लिए जज्बा देखने को मिलेगा।
48 घंटे का ‘मौन व्रत’, प्रशासन की सख्त घेरेबंदी
केरल की 140 विधानसभा सीटों के लिए होने वाली वोटिंग से पहले चुनाव आयोग ने सुरक्षा और निष्पक्षता के कड़े इंतजाम किए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रतन यू. केलकर के अनुसार, मंगलवार शाम 6 बजे से राज्य में ‘शांत अवधि’ शुरू हो जाएगी। इस दौरान किसी भी प्रकार की सार्वजनिक सभा, रैली या जुलूस निकालने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी।
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सिर्फ रैलियां ही नहीं, बल्कि मतदाताओं को लुभाने वाले संगीत शो, नाटक या किसी भी तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर भी सख्त रोक लगा दी गई है। टीवी, रेडियो और सिनेमा घरों में भी चुनाव से जुड़ी कोई भी सामग्री नहीं दिखाई जा सकेगी, ताकि मतदाता बिना किसी बाहरी दबाव या प्रभाव के अपना वोट डाल सकें। यही प्रक्रिया तीनों राज्यों में लागू होगी।
बाहरी नेताओं को छोड़ना होगा मैदान, विज्ञापनों पर पैनी नजर
चुनाव आयोग ने इस बार ‘बाहरी हस्तक्षेप’ को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। नियम के मुताबिक, जो राजनीतिक कार्यकर्ता या पार्टी पदाधिकारी उस निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं, उन्हें प्रचार खत्म होते ही इलाका छोड़ना होगा। इसके साथ ही, मतदान से एक दिन पहले और मतदान के दिन अखबारों में छपने वाले राजनीतिक विज्ञापनों के लिए मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति (MCMC) की मंजूरी अनिवार्य कर दी गई है।
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प्रशासन की इस मुस्तैदी का उद्देश्य है- समान अवसर प्रदान करना और मतदाताओं के भरोसे को कायम रखना। इस बार इन तीनों राज्यों में विधायकों को चुनने के लिए 9 अप्रैल को वोटिंग होगी और चुनावी नतीजों का ऐलान 4 मई को किया जाएगा।
तमिलनाडु में ‘महा-नामांकन’
जहां तीन राज्यों में प्रचार थम रहा है, वहीं तमिलनाडु में चुनावी बिसात पूरी तरह बिछ चुकी है। राज्य की 234 सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया सोमवार को पूरी हो गई, जिसमें 7 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों ने अपने पर्चे दाखिल किए हैं। नामांकन के आखिरी दिन दिग्गजों का जमावड़ा लगा रहा; AIADMK प्रमुख एडप्पाडी के पलानीस्वामी और भाजपा के एल मुरुगन, तमिलिसाई सुंदरराजन व वनथी श्रीनिवासन जैसे बड़े चेहरों ने अपनी दावेदारी पेश की है। अब इन नामांकन पत्रों की जांच आज तक की जाएगी और उम्मीदवार 9 अप्रैल तक अपने नाम वापस ले सकेंगे।
