CM के ऐलान से पहले ऐसी है भाजपा की तैयारी, इसलिए की जा रही है जानबूझकर देरी
नई सरकार का एजेंडा तय करने के लिए तीनों दलों की एक कमेटी बनाई जा सकती है, जिसके मुखिया के रूप में निवर्तमान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे हो सकते हैं। लेकिन इसके लिए अभी एकनाथ शिंदे ने हामी नहीं भरी है।
- Written By: विजय कुमार तिवारी
एकनाथ शिंदे व देवेंद्र फडणवीस (डिजाइन फोटो)
मुंबई : मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के इस्तीफे के बाद भाजपा विधायकों की मुंबई में बैठक बुलाई गई है। इसमें देवेंद्र फडणवीस को भाजपा विधायक दल का नेता चुना जाएगा। इसके बाद सह्याद्रि गेस्ट हाउस में एकनाथ शिंदे, देवेन्द्र फडणवीस और अजित प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सरकार को लेकर फ्यूचर प्लान साझा कर सकते हैं। लेकिन भाजपा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के इस्तीफे के बाद बदल रहे राजनीतिक घटनाक्रम को भांपना चाहती है। इसीलिए नए सीएम के नाम के ऐलान में देरी हो रही है।
राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि अमित शाह से हरी झंडी मिलने के बाद भाजपा हाईकमान की ओर से नए मुख्यमंत्री के लिए देवेंद्र फडणवीस का नाम लगभग फाइनल हो चुका है। आज किसी भी समय उनके नाम की आधिकारिक घोषणा हो सकती है। उसी के बाद वह राज्यपाल के पासा जाकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।
फडणवीस के CM बनने पर नई सरकार में पहले की ही तरह दो डिप्टी CM बनाने की योजना है। NCP की ओर से अजित पवार और शिवसेना की ओर से शिंदे किसी नए विधायक का नाम आगे करके यह जिम्मेदारी सौंप सकते हैं।
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सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, नई सरकार का एजेंडा तय करने के लिए तीनों दलों की एक कमेटी बनाई जा सकती है, जिसके मुखिया के रूप में निवर्तमान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे हो सकते हैं। लेकिन इसके लिए अभी एकनाथ शिंदे ने हामी नहीं भरी है।
रामदास अठावले की शिंदे को सलाह
केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) के अध्यक्ष रामदास अठावले ने कहा कि महाराष्ट्र में कोई विवाद नहीं है। भाजपा हाईकमान ने तय कर लिया है कि देवेंद्र फडणवीस को राज्य का अगला सीएम बनाया जाएगा। एकनाथ शिंदे इससे नाराज जरूर हैं, लेकिन उनकी नाराजगी दूर कर ली जाएगी। शिंदे ने अपने ढाई साल के कार्यकाल कई काम किए हैं, जिनके असर के आधार पर ही सरकार सत्ता में वापस आयी है। लाड़ली बहना योजना का महाराष्ट्र में काफी असर हुआ है। शिंदे साहब को डिप्टी सीएम बन जाना चाहिए। अगर उन्हें ये ठीक नहीं लगता तो केंद्र में मंत्री बनने के लिए आगे आना चाहिए। मुझे लगता है कि इसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी विचार करेंगे।
23 नवंबर को मतगणना के बाद महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने जीत हासिल की। भाजपा ने महायुति का नेतृत्व किया और अपने सहयोगियों-शिवसेना और एनसीपी-को अपने साथ लेकर शानदार जीत दर्ज की। महाराष्ट्र में भाजपा ने 132 सीटें जीतीं, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 57 सीटें जीतीं और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने 41 सीटें जीतीं। राज्य में 288 विधानसभा सीटें हैं। महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के घटकों को करारा झटका लगा, जिसमें उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) ने 20 सीटें, कांग्रेस ने 16 और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एससीपी) ने केवल 10 सीटें जीतीं।
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भाजपा ने महाराष्ट्र में 148 सीटों पर चुनाव लड़कर 133 सीटें जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। पार्टी के सहयोगी शिवसेना और एनसीपी ने भी बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव 20 नवंबर को हुए थे।
