हिंगना में हाेगा रिश्तेदारों का मुकाबला, BJP के समीर मेघे के खिलाफ राजेन्द्र मूलक को उतारेगी कांग्रेस!
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष व पूर्व राज्यमंत्री राजेन्द्र मूलक पेंच में फंस गए हैं। वे रामटेक सीट से चुनाव लड़ने के इच्छुक थे लेकिन शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट ने अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया।
- Written By: आकाश मसने
राजेन्द्र मूलक व समीर मेघे (सोर्स: सोशल मीडिया)
नागपुर: कांग्रेस के जिलाध्यक्ष व पूर्व राज्यमंत्री राजेन्द्र मूलक पेंच में फंस गए हैं। वे रामटेक सीट से चुनाव लड़ने के इच्छुक थे लेकिन शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट ने अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। जिसके चलते मूलक के लिए रास्ता बनाने कांग्रेस उन्हें हिंगना से उतारने का निर्णय ले सकती है। ऐसा हुआ तो बीजेपी के समीर मेघे और मूलक के बीच बिग फाइट होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
लोकसभा चुनाव में हिंगना विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस को 63,000 वोटों की लीड मिली थी जिसके चलते कांग्रेसी खेमे में भारी उत्साह है। कांग्रेस नेता सुनील केदार ने लोस चुनावी सभा में यह भी घोषणा की थी कि अगर राकां ने यह सीट दी तो बीजेपी को गारंटी से पराजित कर दिखाएंगे।
एमवीए में पूर्व नागपुर की सीट एनसीपी (शरदचंद्र पवार) को दिए जाने के बाद से यह चर्चा चल रही है कि कांग्रेस ने इस सीट के बदले हिंगना की मांग रखी थी। बीते कुछ दिनों से सुनील केदार कांग्रेस नेता राजेन्द्र मूलक को साथ लेकर मातोश्री सहित दिल्ली तक के चक्कर लगा चुके हैं।
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एक ही सीट है पर्याय
रामटेक सीट से शिवसेना (यूबीटी) ने अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। उद्धव ठाकरे गुट ने कांग्रेस के लिए दक्षिण नागपुर की सीट छोड़ दी है इसलिए रामटेक को छोड़ने का सवाल ही नहीं है। उमरेड की सीट एसटी के लिए आरक्षित है इसलिए राजेंद्र मूलक का वहां से सवाल ही नहीं उठता। मूलक को स्थापित करने के लिए केवल एक हिंगना सीट ही पर्याय है। इसलिए सुनील केदार इस सीट की मांग कर रहे हैं।
रिश्तेदारों की बीच होगा मुकाबला
अगर वे अपने प्रयास में सफल हो गए तो हिंगना सीट पर रिश्तेदारों के बीच मुकाबला देखने को मिल सकता है। मूलक व मेघे रिश्तेदार हैं। अगर राजेन्द्र मूलक ने इस सीट पर लड़ना स्वीकार कर लिया तो केदार अपनी पूरी ताकत लगा देंगे। तात्कालीन सीएम पृथ्वीराज चव्हाण के मंत्रिमंडल में मूलक सबसे व्यस्त व ताकतवर राज्यमंत्री थे। उनके पास 7 विभागों की जिम्मेदारी थी लेकिन बीत 10 वर्षों से उन्हें प्रतिनिधित्व नहीं मिला।
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एक मौका यह भी
मेघे परिवार से रिश्तेदारी के नाते मूलक ने हिंगना सीट से चुनाव लड़ने से इनकार किया तो स्थनीय स्वराज संस्था दूसरा मार्ग हो सकता है। यह कामठी सीट से बावनकुले की जीत या हार पर निर्भर होगा। अगर बावनकुले जीते तो एमएलसी की जगह खाली होगी। ऐसे में इस जगह के लिए मूलक लड़ सकते हैं। इसके पूर्व भी इस सीट से मूलक विधान परिषद का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
