आसनसोल दक्षिण में अग्निमित्रा पॉल की प्रचंड जीत, 40,839 वोटों से तापस बनर्जी को दी पटखनी
Agnimitra Paul Wins Asansol South: बंगाल की जनता ने ममता बनर्जी की सरकार को पूरी तरह से नकार दिया है। आसनसोल दक्षिण विधानसभा सीट से अग्निमित्रा पॉल की जीत ने इस बात पर मुहर लगा दिया है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
अग्निमित्रा पॉल (फाइल फोटो), सोर्स- सोशल मीडिया
West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल की हाई-प्रोफाइल मानी जाने वाली आसनसोल दक्षिण विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने कब्जा बरकरार रखा है। यहां से पार्टी की उम्मीदवार और मौजूदा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने 2026 के विधानसभा चुनाव में शानदार जीत दर्ज करते हुए लगातार दूसरी बार इस सीट पर कब्जा जमाया है।
चुनाव आयोग के डेटा के मुताबिक, अग्निमित्रा पॉल को कुल 1,19,582 वोट मिले और उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 40,839 वोटों के बड़े अंतर से हराया। यह जीत औद्योगिक क्षेत्र में भाजपा की बढ़ती पकड़ का संकेत देती है।
त्रिकोणीय मुकाबले में लहराया परचम
आसनसोल दक्षिण सीट पर इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय रहा। भाजपा की अग्निमित्रा पॉल के सामने तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक तापस बनर्जी तथा वाम मोर्चा की ओर से सीपीआई (एम) उम्मीदवार शिल्पी चक्रवर्ती मैदान में थीं। हालांकि, परिणामों ने साफ कर दिया कि इस सीट पर अग्निमित्रा पॉल का जनाधार पहले से और मजबूत हुआ है।
सम्बंधित ख़बरें
ममता बनर्जी के काफिले पर हमला! गाड़ी घेरी, कीचड़ और जूते फेंके; कांचरापाड़ा में भारी बवाल का Video आया सामने
ममता बनर्जी पर हमला…कांचरापाड़ा में कार पर फेंकी गईं ईंटें, लोगों ने दीदी पर फेंका जूता-कीचड़- देखें VIDEO
हिम्मत है तो रांची आएं… BJP ने राहुल गांधी को दी सीएम आवास घेरने की चुनौती, JPSC-JSSC विवाद पर सियासत तेज
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की तिरंगा यात्रा की शुरुआत, बोले- आजीवन देश की सेवा का लें संकल्प
इसके पहले सयानी घोष को दी थी पटखनी
यह सीट ऐतिहासिक रूप से भी काफी अहम रही है। 1951 के पहले आम चुनाव में अस्तित्व में आई इस विधानसभा सीट को परिसीमन के बाद 2011 में ‘आसनसोल दक्षिण’ के रूप में नया स्वरूप मिला। 2011 और 2016 में यहां टीएमसी के तापस बनर्जी ने लगातार जीत दर्ज की थी, लेकिन 2021 में भाजपा ने पहली बार यहां जीत हासिल की, जब अग्निमित्रा पॉल ने कड़े मुकाबले में टीएमसी की सयानी घोष को हराया था।
2026 की मेगा विनिंग के मायने क्या हैं?
2026 में मिली यह जीत इस बात का संकेत है कि भाजपा ने इस सीट पर अपनी पकड़ को और मजबूत कर लिया है। खास बात यह भी है कि आसनसोल एक प्रमुख औद्योगिक, रेलवे और कोयला खनन क्षेत्र है, जहां मतदाताओं की सामाजिक और भाषाई संरचना काफी विविध है। यहां बंगाली मतदाताओं के साथ बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश से आए हिंदी भाषी कामगारों की बड़ी संख्या चुनावी समीकरण को प्रभावित करती है।
यह भी पढ़ें: आदिवासी और डूअर्स क्षेत्र में TMC का सूपड़ा साफ, भाजपा को भारी बढ़त
इसके अलावा, मजदूर वर्ग, अनुसूचित जाति (एससी) और अल्पसंख्यक समुदाय के वोट भी इस सीट पर बेहद अहम माने जाते हैं। आसनसोल दक्षिण विधानसभा सीट, आसनसोल लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है, जो राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण औद्योगिक बेल्ट के रूप में जानी जाती है।
