ममता के प्रस्तावक और TMC विधायक पर IT की टेढ़ी नजर, बंगाल चुनाव से ठीक पहले छापेमारी ने बढ़ाई सियासी तपिश
Miraj Shah Income Tax Raid: पश्चिम बंगाल में आयकर विभाग ने ममता बनर्जी के चुनावी प्रस्तावक मिराज शाह और विधायक देबाशीष कुमार के ठिकानों पर छापेमारी की है, इसे लेकर टीएमसी ने जमकर प्रतिक्रिया दी है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
ममता बनर्जी के चुनावी प्रस्तावक मिराज शाह, फोटो- सोशल मीडिया
West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के मतदान की तारीखें जैसे-जैसे नजदीक आ रही हैं, राज्य का राजनीतिक पारा तेजी से चढ़ता जा रहा है। इसी बीच, शुक्रवार को आयकर विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बेहद करीबी माने जाने वाले व्यवसायी मिराज शाह और टीएमसी विधायक देबाशीष कुमार के आवासों पर छापेमारी की है।
इस कार्रवाई के बाद राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। टीएमसी का आरोप है कि हार के डर से भाजपा राजनीतिक द्वेष के चलते केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर रही है, जो लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा है।
भवानीपुर में ममता के प्रस्तावक मिराज शाह के घर पहुंची टीम
शुक्रवार दोपहर को आयकर विभाग के अधिकारियों की एक टीम कोलकाता के 2 एल्गिन रोड स्थित मिराज शाह के आवास पर पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया। मिराज शाह का नाम तब चर्चा में आया था जब ममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया था, जहां वे मुख्यमंत्री के चार प्रस्तावकों में से एक थे। वे पेशे से एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और शहर के प्रतिष्ठित ‘द भवानीपुर एजुकेशन सोसाइटी कॉलेज’ के वाइस चेयरमैन और बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के सदस्य भी हैं।
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विभाग उनके पिछले 5-10 सालों के आय खातों की जांच कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, उनके अलावा उनके रिश्तेदारों के घरों और चुनावी कार्यालयों पर भी एक साथ छापेमारी की गई, जहां सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों के जवानों को तैनात किया गया था।
देबाशीष कुमार के ठिकानों पर भी चला सर्च ऑपरेशन
मिराज शाह के साथ-साथ आयकर विभाग ने शुक्रवार सुबह तृणमूल कांग्रेस के दिग्गज नेता और रासबिहारी से उम्मीदवार देबाशीष कुमार के घर और कार्यालय की भी तलाशी शुरू की। देबाशीष कुमार कोलकाता नगर निगम में मेयर-इन-काउंसिल के सदस्य भी हैं। जांच एजेंसी ने उनके अलावा उनके ससुराल वालों के घर की भी तलाशी ली है।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई कुछ दिन पहले ईडी द्वारा एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ की गई जांच से जुड़ी है। उस कंपनी पर नगरपालिका की मदद से जमीन पर कब्जा करने और गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन के आरोप हैं, और शिकायत मिली थी कि देबाशीष कुमार के इलाके में भी ऐसा निर्माण हुआ है।
TMC ने बताया राजनीतिक प्रतिशोध और लोकतंत्र के लिए खतरा
इन छापेमारी की घटनाओं पर तृणमूल कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। बेलेघाटा से टीएमसी उम्मीदवार कुणाल घोष ने इसे सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल बताते हुए कहा कि “मुख्यमंत्री के प्रपोजर के घर पर रेड डेमोक्रेसी के लिए खतरनाक है।”
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उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा यह जानते हुए कि वे चुनाव हार जाएंगे, जानबूझकर चुनाव का माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है। टीएमसी कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ करार दिया और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पार्टी का मानना है कि चुनाव से ध्यान हटाने के लिए जानबूझकर केंद्रीय एजेंसियों को मैदान में उतारा गया है।
