
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ( सोर्स - सोशल मीडिया )
नवभारत डेस्क : झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 के नतीजे बीते 23 तारीख को सामने आ गई है। यहां नतीजे एग्जिट पोल के दावे के ठीक विपरीत आए हैं। एग्जिट पोल में दावा किया गया था इस बार झारखंड में बीजेपी वाले एनडीए गठबंधन की सरकार बनेगी पर यहां एख बार फिर से सीएम सोरेन सरकार की वापसी हो गई है। ऐसे में आज 24 नवंबर को शाम 4 बजे हेमंत सोरेन सीएम पद से इस्तीफा देंगे और सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।
इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने झारखंड में सत्ता बरकरार रखने वाले झारखंड मुक्ति मोर्चा नीत गठबंधन से घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने के अपने संवैधानिक कर्तव्य को निभाने का आग्रह किया। बता दें झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 के प्रभारी हिमंत बिस्वा सरमा झारखंड से घुसपैठियों को भगाने का मुद्दा उठाया था, जो कारगर साबित नहीं हुआ। सीएम सोरेन की प्रचंड जीत पर सरमा ने बधाई दी और झारखंड से घुसपैठियों को बाहर भगानेव का अनुरोध किया।
झारखंड चुनाव के लिए भाजपा के सह-प्रभारी शर्मा ने नवनिर्वाचित पार्टी विधायकों से विधानसभा में घुसपैठ का मुद्दा उठाने का आह्वान किया और कहा कि अवैध प्रवासी राज्य के लिए एक गंभीर खतरा हैं। शर्मा ने शनिवार देर रात फेसबुक लाइव में कहा, “मुझे अब भी विश्वास है कि घुसपैठ की समस्या आने वाले दिनों में झारखंड को बहुत नुकसान पहुंचाएगी। यह आपकी (झामुमो) सरकार है और मैं आपसे इन घुसपैठियों को वापस भेजने या कम से कम उनकी पहचान करने की अपील करता हूं। यह आपका संवैधानिक कर्तव्य है।”
झारखंड में चुनाव प्रचार के दौरान घुसपैठ के मुद्दे को बड़े पैमाने पर उठाने वाले भाजपा नेता ने कहा, “मुझे विश्वास है कि झारखंड सरकार इस जिम्मेदारी को पूरा करेगी।” सरमा ने नवनिर्वाचित भाजपा विधायकों से विपक्ष के रूप में अपना कर्तव्य निभाने और विधानसभा में घुसपैठ के मुद्दे को उठाने की भी अपील की। आपको जानकारी के लिए बताते चलें कि हेमंत सोरेन के झामुमो नीत गठबंधन ने बीते शनिवार 23 नवंबर को झारखंड में दमदार वापसी करते हुए 81 सदस्यीय विधानसभा में 56 सीट जीतकर लगातार दूसरी बार सत्ता हासिल की जबकि भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को केवल 24 सीट ही मिल सकीं।
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