असम में अमित शाह ने फिर भरी हुंकार, करिमगंज का नाम श्रीभूमि करने का किया वादा, खरगे को सुनाई खरी-खरी
Assam Election 2026: असम में रैली के दौरान अमित शाह ने कांग्रेस पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने करिमगंज का नाम बदलने का वादा किया और खरगे के गुजरात पर दिए बयान पर प्रतिक्रिया दी।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
अमित शाह और खरगे, फोटो- सोशल मीडिया
Amit Shah Assam Rally: असम विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार के अंतिम दौर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बराक घाटी के पाथरकांडी में एक चुनावी जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल ने असम की बराक घाटी में घुसपैठियों को शरण दी है।
शाह ने स्पष्ट रूप से कहा कि भाजपा असम को घुसपैठियों का गढ़ नहीं बनने देगी। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने घुसपैठियों की पहचान कर ली है और अब उन्हें एक-एक कर बाहर निकालने का समय आ गया है। शाह के मुताबिक, यदि असम, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में एनडीए की सरकारें बनती हैं, तो घुसपैठ को पूरी तरह से रोका जा सकेगा।
खरगे के ‘अनपढ़’ वाले बयान पर शाह का पलटवार
रैली के दौरान अमित शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की उस टिप्पणी पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर गुजरात के लोगों और भाजपा समर्थकों को ‘अनपढ़’ कहा था। शाह ने इसे पूरे गुजरात का अपमान करार दिया और कहा कि जिस भूमि ने महात्मा गांधी, सरदार पटेल, दयानंद सरस्वती और नरेंद्र मोदी जैसी महान हस्तियां दीं, उसे अनपढ़ कहना कांग्रेस की गिरी हुई राजनीति को दर्शाता है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने अब यह नई नीति बनाई है कि जो उनका समर्थन नहीं करता, वह अनपढ़ है। शाह ने चेतावनी दी कि आगामी चुनाव में जनता कांग्रेस की जमानतें जब्त करा देगी।
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Assam is set to grant BJP a landslide victory to root out infiltration. Speaking at a public rally in Patharkandi. পাথাৰকান্দিত অনুষ্ঠিত এক জনসভাত ভাষণ প্ৰদান কৰোঁ।#AkouaEbarBJPSarkar https://t.co/NI46VkXDAq — Amit Shah (@AmitShah) April 7, 2026
सांस्कृतिक पहचान और भाषाई गौरव का मुद्दा भी उठाया
अमित शाह ने चुनावी मंच से सांस्कृतिक मुद्दों को हवा देते हुए संकल्प लिया कि सत्ता में आने पर करिमगंज का नाम बदलकर ‘श्रीभूमि’ कर दिया जाएगा। उन्होंने कांग्रेस पर सत्ता की खातिर घुसपैठियों पर निर्भर रहने का आरोप लगाया। इसके साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा असमिया और बांग्ला भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने के फैसले की सराहना की। शाह ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) का भी बचाव किया और कहा कि कांग्रेस राजनीतिक लाभ के लिए इसका विरोध कर रही है।
9 अप्रैल को मतदान, 4 मई को नतीजे
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव प्रक्रिया अब अपने निर्णायक मोड़ पर है। राज्य में 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि मतों की गिनती 4 मई को की जाएगी। शाह ने मतदाताओं से अपील की कि वे वोट बैंक की राजनीति को छोड़कर राज्य की सुरक्षा और विकास के लिए भाजपा-एनडीए गठबंधन की सरकार चुनें। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा सरकार घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।
