

Delhi Red Fort Bomb Threat: देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले को बम से उड़ाने की धमकी देने का एक बहुत बड़ा मामला सामने आया है। एक अज्ञात शख्स ने सीधे मुंबई पुलिस के कंट्रोल रूम में फोन करके लाल किले को बम से उड़ाने की यह खौफनाक धमकी दी थी। इस अचानक आई धमकी भरी कॉल के बाद सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस महकमे में बहुत भारी हड़कंप मच गया और तुरंत अलर्ट जारी किया गया।
मुंबई पुलिस के कंट्रोल रूम ने बिना कोई देरी किए तुरंत दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम को इस गंभीर खतरे की अहम सूचना दी। इसके बाद दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम ने नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट पुलिस को इस धमकी के बारे में तुरंत ही सतर्क कर दिया। सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल लाल किले की सुरक्षा के लिए तुरंत पूरी तरह से एक्टिव हो गया और मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी।
जरूरी और बहुत ही सघन जांच-पड़ताल के बाद नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने बताया कि लाल किले को उड़ाने की यह धमकी पूरी तरह से झूठी थी। पुलिस अधिकारियों ने पूरे परिसर की अच्छी तरह से तलाशी ली लेकिन उन्हें वहां पर कोई भी संदिग्ध या खतरनाक वस्तु बिल्कुल नहीं मिली। यह धमकी महज एक कोरी अफवाह निकली जिसके बाद वहां मौजूद आम लोगों और पुलिस प्रशासन ने बहुत ही बड़ी राहत की सांस ली।
बम से उड़ाने की इस तरह की झूठी धमकी के कई बड़े मामले देश में पहले भी कई बार लगातार सामने आते रहे हैं। पिछले दिनों दिल्ली और नोएडा के कई बड़े स्कूलों में भी बम होने की झूठी अफवाह ईमेल के जरिए बहुत तेजी से फैलाई गई थी। इस धमकी के बाद स्कूलों की तुरंत छुट्टी कर दी गई थी लेकिन पुलिस की कड़ी जांच के बाद यह भी एक बड़ी अफवाह ही साबित हुई थी।
सिर्फ स्कूल और ऐतिहासिक इमारतें ही नहीं बल्कि कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स में भी बम होने की झूठी खबरें सामने आई थीं। ऐसी धमकियां मिलने के बाद हवाई अड्डों पर बहुत ही बड़ा और सघन तलाशी अभियान कई घंटों तक लगातार चलाया गया था। हालांकि बाद में जांच में पता चला कि ये सभी धमकियां भी पूरी तरह से झूठी थीं और किसी ने जानबूझकर यह भारी दहशत फैलाई थी।
आपको बता दें कि 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के इसी लाल किले के पास एक कार में बहुत ही जोरदार बम विस्फोट हुआ था। इस दर्दनाक आतंकी हमले में 11 मासूम लोगों की मौके पर ही बहुत दर्दनाक मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे। इस खौफनाक आतंकी हमले का मुख्य साजिशकर्ता डॉक्टर मुजफ्फर अहमद को माना गया था जिसने इस भयानक साजिश को रचा था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक लाल किले के पास हुए इस बड़े और खतरनाक हमले की पूरी साजिश श्रीनगर में बहुत ही गुपचुप तरीके से रची गई थी। इस गंभीर मामले में फरीदाबाद की एक जानी-मानी यूनिवर्सिटी के कई पढ़े-लिखे डॉक्टर्स का कनेक्शन भी जांच के दौरान सामने आया था। इसके बाद से ही इस ऐतिहासिक इमारत की सुरक्षा व्यवस्था को पुलिस द्वारा और भी ज्यादा कड़ा और बेहद चुस्त-दुरुस्त कर दिया गया है।
लाल किला हमारे देश की सबसे प्रमुख ऐतिहासिक और राष्ट्रीय धरोहरों में से एक है जिसकी सुरक्षा करना सबसे ज्यादा जरूरी है। देश के प्रधानमंत्री हर साल 15 अगस्त को इसी लाल किले की प्राचीन प्राचीर से राष्ट्रीय झंडा फहराते हैं और देश को संबोधित करते हैं। इसी लिहाज से इस महत्वपूर्ण स्थान की कड़ी सुरक्षा और भी ज्यादा अहम हो जाती है ताकि किसी भी तरह की कोई बड़ी अनहोनी न हो।