

HIGHLIGHTS
1 नवंबर को विपक्ष का 'दिल्ली चलो मार्च' होगा आयोजित
दिल्ली के रामलीला मैदान में जुटेंगे 10 लाख लोग
नितिन नवीन की राष्ट्रीय महामंत्रियों की बैठक संपन्न
रैली पर काउंटर करने को लेकर चर्चा की गई
संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई
Delhi Chalo March: गुरुवार 29 अक्टूबर को नितिन नवीन की राष्ट्रीय महामंत्रियों की बैठक संपन्न हुई। बीजेपी की महामंत्रियों की बैठक के दौरान नितिन नवीन ने देश के 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा की। साथ ही 1 नवंबर को इंडिया गठबंधन की रैली पर काउंटर करने को लेकर चर्चा की गई। बैठक में सेवा संकल्प अभियान, आगामी राज्यों के विधानसभा चुनावों एवं संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर विस्तृत एवं सार्थक विचार-विमर्श भी किया गया है।
चुनाव आयोग के विवाद को लेकर कांग्रेस की तैयारी के जवाब में बीजेपी 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा चला रही है, जो राष्ट्रव्यापी अभियान के तौर पर शुरू हुआ। इस पदयात्रा की शुरुआत विपक्षी दलों खासकर इंडिया गठबंधन द्वारा SIR प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों और उनके विरोध प्रदर्शनों के जवाब में की गई है। 1 नवंबर, 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस और 'इंडिया' गठबंधन द्वारा एक विशाल महारैली 'वोट बचाओ, देश बचाओ' का आयोजन हो रहा है। इस रैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और इंडिया गठबंधन के अन्य बड़े नेता शामिल होंगे। ऐसे में इस महारैली को लेकर बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने एसआईआर और चुनाव आयोग के खिलाफ किए जा रहे प्रदर्शनों और आरोपों का मुकाबला करने की योजना बनाई है।
1 नवंबर को होने जा रहे 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली में 10 लाख लोगों के जुटने की संभावना जताई गई है। दिल्ली कांग्रेस के उपाध्यक्ष मुदित अग्रवाल ने बताया कि इस रैली को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी है। उन्होंने दावा किया है कि रैली में दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों से दिल्ली के होटल, रेस्टोरेंट और स्थानीय बाजारों के कारोबार को भी फायदा होगा। अग्रवाल के मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों से 10 लाख से अधिक लोग रैली में जुटेंगे। मुदित अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि ज्ञानेश कुमार मोदी सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं। कहा कि रैली का उद्देश्य देश में लोकतंत्र के कथित दमन के खिलाफ विरोध करना है।
नितिन नवीन की राष्ट्रीय महामंत्रियों की बैठक में आगामी 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों (जैसे उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा, गुजरात आदि) की तैयारियों और चुनावी रणनीति पर गहन मंथन किया गया। साथ ही SIR और 1 नवंबर को राहुल गांधी की महारैली व 'वोट चोरी' के आरोपों का मुकाबला करने की रणनीति बनाई गई। इतना ही नहीं 5 नवंबर से शुरू होने वाले बीजेपी के आगामी अभियानों और कार्यक्रमों के जरिए कांग्रेस के रुख और बयानों को बेनकाब करने की योजना भी बनाई गई है। बैठक में पार्टी को हर स्तर पर और अधिक मजबूत करने के लिए संगठनात्मक विषयों और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई।