

Relief From Rising Onion Prices In Delhi: दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोगों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर है। आसमान छूती प्याज की कीमतों से परेशान उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने के लिए केंद्र सरकार की एक खास पहल रंग लाई है। महाराष्ट्र के नासिक से प्याज की एक बहुत बड़ी खेप लेकर 'कांदा एक्सप्रेस' राजधानी दिल्ली पहुंच चुकी है। अब दिल्ली के उपभोक्ताओं को बेहद सस्ती और रियायती दरों पर प्याज मिलना शुरू हो गया है, जिससे उनकी रसोई का बजट काफी हद तक संभल जाएगा।
प्याज की इस बड़ी खेप को लेकर चली विशेष मालगाड़ी, जिसे 'कांदा एक्सप्रेस' का नाम दिया गया है, शुक्रवार की सुबह दिल्ली के आदर्श नगर रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई है। यह ट्रेन महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित एशिया की सबसे बड़ी प्याज थोक मंडी, लासलगांव से रवाना हुई थी।
इस विशेष मालगाड़ी में कुल 21 डिब्बे हैं, जिनमें लगभग 450 टन प्याज लदा हुआ है। यह ट्रेन बुधवार की दोपहर करीब 3:10 बजे लासलगांव से दिल्ली के लिए रवाना की गई थी। लासलगांव के स्टेशन प्रबंधक प्रितेश दुबे के अनुसार, रेलवे का पूरा प्रयास इस ट्रेन को जल्द से जल्द अपने गंतव्य तक पहुंचाना था ताकि दिल्ली के लोगों को राहत मिल सके।
पिछले कुछ दिनों से देश की राजधानी दिल्ली के बाजारों में प्याज की कीमतें अचानक बहुत तेजी से बढ़ गई थीं। आम उपभोक्ताओं ने बताया कि प्याज खुदरा बाजारों में 50 रुपये से लेकर 55 और 60 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा था। इस बढ़ती कीमत के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
कीमतों को तुरंत नियंत्रण में लाने और शहरी उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने दिल्ली में गुरुवार से 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती (सब्सिडी वाली) दर पर प्याज की खुदरा बिक्री शुरू करने का अहम फैसला लिया है। सरकार का सीधा मकसद बाजार में प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाना और लोगों को सस्ता प्याज उपलब्ध कराना है।
दिल्ली के लोगों को सस्ती दरों पर प्याज की लगातार आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने शहरी उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने के लिए अपने बफर स्टॉक से कुल 840 टन प्याज राजधानी दिल्ली भेजने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में पहली बड़ी खेप के रूप में लगभग 450 टन प्याज 'कांदा एक्सप्रेस' के जरिए दिल्ली भेजा गया है। इस बफर स्टॉक की मदद से आने वाले दिनों में दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में सस्ते प्याज की उपलब्धता और आसान हो जाएगी।
आम तौर पर मालगाड़ियों के ऐसे नाम नहीं सुने जाते, लेकिन इस विशेष ट्रेन को 'कांदा एक्सप्रेस' नाम दिया गया है, जो सोशल मीडिया और खबरों में काफी चर्चा बटोर रहा है। दरअसल, मराठी में प्याज को 'कांदा' कहा जाता है। चूंकि यह ट्रेन पूरी तरह से प्याज की बड़ी खेम लेकर नासिक से दिल्ली आ रही थी, इसलिए इसे 'कांदा एक्सप्रेस' का यह अनोखा नाम दिया गया। सरकार और रेलवे की इस त्वरित कार्रवाई से अब दिल्लीवालों को प्याज के बढ़ते दामों से बड़ी राहत मिलेगी।