

नई दिल्ली : दिल्ली में छठ पूजा के अवसर पर 7 नवंबर को सार्वजनिक छुट्टी घोषित की गई है। यह निर्णय दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना द्वारा मुख्यमंत्री आतिशी को लिखे गए पत्र के आधार पर लिया गया। उपराज्यपाल ने पत्र में छठ पूजा के महत्व को उजागर करते हुए कहा कि यह त्योहार लोगों की आस्था का प्रतीक है और इसे चार दिनों तक मनाया जाता है।
मुख्यमंत्री आतिशी ने उपराज्यपाल के इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए दिल्ली के लोगों के लिए 7 नवंबर को सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की। उन्होंने एक पत्र के माध्यम से मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि छठ पूजा एनसीटी दिल्ली के निवासियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इस अवसर पर छुट्टी का निर्णय लिया गया है।
वीके सक्सेना ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि छठ पूजा के दौरान तीसरे दिन, जिसे "अर्घ्य" देने का दिन माना जाता है, डूबते सूर्य को अर्घ्य देना सबसे महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष, 7 नवंबर को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि यह तारीख पहले से ही दिल्ली सरकार की प्रतिबंधित अवकाशों की सूची में शामिल है, और उन्होंने राज्य सरकार से इस दिन छुट्टी घोषित करने की मांग की थी।
इस निर्णय के साथ, दिल्ली की सरकार ने छठ पूजा के महत्व को मान्यता दी है और इस महापर्व को मनाने के लिए आवश्यक सुविधाएं प्रदान की हैं। छठ पूजा विशेष रूप से बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के लोगों के बीच लोकप्रिय है, लेकिन अब यह पूरे देश में मनाया जाने लगा है।
दिल्ली में इस दिन आयोजित होने वाले आयोजनों और पूजा विधियों की तैयारी भी चल रही है, जिससे श्रद्धालु अपने विश्वास के साथ इस पर्व को मना सकें। इस प्रकार, 7 नवंबर को दिल्ली में छठ पूजा के लिए सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा, इस पर्व के प्रति आस्था और सम्मान का प्रतीक है।