नए क्रिमिनल लॉ के मुताबिक पहला मामला दर्ज, आधी रात में लिखा गया FIR

ब्रिटिश राज के कानून में बदलाव करते हुए आज आधी रात को देश में नया कानून लागू किया गया। जिसके मुताबिक बीएनएस, बीएनएसएस और बीएसए देश में प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया। अब इस नियम के मुताबिक देश में पहला मामला दर्ज कर लिया गया है।
New criminal law
नए कानून के मुताबिक देश में पहला मामला दर्ज (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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नई दिल्ली: देश में आधी रात से नया कानून लागू कर दिया गया। जिसके बाद नए कानून के मुताबिक पहला मामला दिल्ली में दर्ज किया गया है। यह मामला दिल्ली पुलिस ने दिल्ली के कमला मार्केट इलाके में लगाए रेहरी वाले के खिलाफ दर्ज किया गया है। कानून में बदलाव के साथ सजाय के बजाए न्याय पर फोकस किया गया है। जिससे भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली में दूरगामी बदलाव आने की उम्मीद की जा रही है।

नए कानून के मुताबिक रेहरी वाले पर बीएनएस की धारा 285 के तहत मामला दर्ज किया गया । जिसके मुताबिक किसी भी व्यक्ति के किसी भी कार्य से सार्वजनिक मार्ग पर किसी व्यक्ति को खतरा होता है ,अवरोध पैदा होता है या चोट लगती है, तो उसे 5,000 रुपये तक के जुर्माने से दंडित किया जाएगा।

ब्रिटिश राज के कानून में बदलाव

आज से पूरे देश में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) 2023 प्रभावी हो गए हैं। ये तीन कानून ब्रिटिश राज से चल रही कानूनों क्रमश: भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को हटाकर लाया गया है। इस मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि थाने में रात 12 बजे के बाद इसकी शिकायत मिली थी। जिसमें बताया गया कि दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास बने एक पुल पर रेहरी लगाकर सार्वजनिक मार्ग को कथित तौर पर अवरुद्ध किया था। उसने वहां से हटने का निर्देश अनसुना कर दिया जिसके बाद एक गश्ती अधिकारी ने रात डेढ़ बजे मामला दर्ज किया।

कानून का प्राशिक्षण 

प्राथमिकी में कहा गया है कि अधिकारी ने जब्त साम्रगी को दर्ज करने के लिए ई-प्रमाण ऐप का इस्तेमाल किया। एक अधिकारी ने कहा कि दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा द्वारा संचालित यह ऐप आगे की जांच के लिए सीधे पुलिस रिकॉर्ड में सामग्री को दर्ज करेगी। दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकियां दर्ज करने और जांच करने के लिए जिम्मेदार अपने 30,000 कर्मियों को प्रशिक्षण दिया है। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस देश में उन पहले पुलिस बलों में से एक है, जिन्होंने अपने कर्मियों को नये आपराधिक कानूनों पर प्रशिक्षण देना शुरू किया है।

(इंपुट के साथ)

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