Exclusive: पंजाब में क्या है पायलट का विनिंग प्लान? आपसी लड़ाई पर बोले सचिन पायलट- कोई झगड़ा नहीं, जीत लक्ष्य

Sachin Pilot on Punjab Elections: सचिन पायलट ने पंजाब कांग्रेस की रणनीति, गुटबाजी, ड्रग्स और चुनावी तैयारियों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एकजुट होकर सत्ता में वापसी करेगी।
Sachin Pilot on Punjab Elections
पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट (सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Sachin Pilot Exclusive Interview: सचिन पायलट को कांग्रेस आलाकमान ने पंजाब का नया प्रभारी नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में की गई है, जब पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और कांग्रेस बिना सीएम फेस चुनावी रण में उतरने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा पंजाब कांग्रेस के भीतर की आपसी खींचतान अब किसी से छिपी नहीं है। इसी बीच सचिन पायलट ने नवभारत लाइव से पंजाब में अपनी योजनाओं को लेकर बातचीत की है। 

इसमें उन्होंने बताया कि, पंजाब में कांग्रेस के सामने कौन-सी समस्याएं हैं? आलाकमान से उन्हें क्या आदेश मिला है? और पंजाब के लिए उनकी क्या योजनाएं हैं?

सवाल- आलाकमान का आपको क्या आदेश है?

जवाब- आलाकमान का मैंडेट है कि हम लोगों की बड़ी जिम्मेदारी है पंजाब के लोगों के प्रति और पंजाब की जनता उम्मीद करके बैठी है कि बदलाव आवश्यक हो चुका है और इस सरकार में वादों पर पानी फेरा गया है। वादे करके सरकार में आना एक अलग बात है लेकिन राहुल जी चाहते हैं कि पंजाब की उम्मीद पर हम खरें उतरें और हमारी टीम चाहती है कि पूरी मुस्तैदी से, एकजुटता से एक संकल्प लेकर मैदान में उतरे। 

सवाल- जो पंजाब में कांग्रेस बंटी हुई है वो कितना बड़ा चैलेंज लगता है उनके लीडर्स के ईगो को सेटिस्फाई करना?

जवाब- आप यह बात बोल रहे हैं लेकिन ये नहीं देखते कि जो पार्टी सत्ता में है वो बंट के बीजेपी में जा चुकी है। उनके आठ राज्यसभा सांसद आज वो बीजेपी के साथ है, ये हुआ असली बंटवारा। हमारी पार्टी के तमाम नेता संघर्ष कर रहे हैं कि कौन ज्यादा मेहनत करके कांग्रेस का झंडा बुलंद करें। मैं सभी नेताओं से मुलाकात कर चुका हूं और सभी ने मुझे आश्वस्त किया है कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में इस कैंपेन को हम अच्छे से चलाएंगे। एक-एक हल्के में, एक-एक पिंड में और एक-एक गांव में जाकर इस सरकार को एक्पोज करेंगे। जो छल कपट भाजपा की केंद्र सरकार ने इन 12 सालों में किया है उसको पूरी तरह एक्पोज करेंगे। 

पंजाब कांग्रेस में हमारे पास तमाम वो नेता है जिन्होंने वो समय देखा है जब पंजाब में घोर आतंकवाद था और एक दुर्गम समय से निकले थे जब कांग्रेस का उसमें बहुत बड़ा हाथ था। मत भूलिए कि पंजाब में सरदार बेअंत सिंह की शहादत को सभी लोग याद करते हैं। केपीएस गिल जी, बेअंत सिंह जी और कांग्रेस के सभी लोगों ने मिलकर पंजाब को उस खाई से निकाला था जहां से आना लोग नामुमकिन कहा करते थे। ये जो योगदान है चाहे वो बेअंत सिंह जी हो दरबारा सिंह जी हो तमाम लोगों ने काम किया और हम सब लोग प्रतिबंध है क्योंकि हमने इन 4 सालों में संघर्ष किया है। युवा और अनुभव का जो मिश्रण है उसको लेकर आगे चलेंगे और मैंने राहुल जी को आश्वस्त किया है कि बहुत जल्द धरातल पर हमारे कैम्पेन को लॉन्च करके काम करेंगे। 

सवाल- चन्नी से आपकी मुलाकात हुई। आप दोनों के बीच क्या बातचीत हुई क्योंकि लड़ाई तो मुख्यमंत्री पद के लिए है?

जवाब- मेरी मुलाकात बहुत सार्थक रही। चरणजीत सिंह चन्नी बहुत पॉपुलर नेता है पूर्व मुख्यमंत्री है और पंजाब में पहली बार किसी दलित व्यक्ति को मुख्यमंत्री राहुल और हमारी पार्टी ने बनाया। इस बात का पूरे पंजाब के लोगों को एहसास है और वो भी चाहते हैं कि पार्टी में मेहनत करके दोबारा सत्ता में आए। उसके लिए हम प्रतिबद्ध है और उन्होंने मुझे आश्वस्त किया है कि वो पार्टी में पूरी ताकत के साथ सबको साथ लेकर काम करेंगे। वो हमारी पार्टी की कैंपेन कमिटी के चेयरमैन भी हैं तो हम भरपूर प्रचार करेंगे और सबको साथ लेकर चलना ही स्वाभाविक सी बात है। 

सवाल- कुछ लोगों की मांग है कि पीसीसी चीफ राजा वडिंग को हटाया जाए?

जवाब- ऐसी मांग मीडिया के माध्यम से आप लोग चलाते हैं। जहां तक मेरी बात हुई और उनके बयान मैंने देखे, ऐसा ऐसा कुछ भी नहीं है। हमारी चर्चा हुई कि कैंपेन को मजबूत कैसे करें, आप सरकार को एक्पोज कैसे किया जाए, अकाली और भाजपा के साथ आने की जो चर्चा हो रही है उसके क्या इफेक्ट्स होंगे। बहुत ही सार्थक और पॉजिटिव चर्चा हुई। 

सवाल- क्या आपको लगता है कि पीसीसी चीफ को हटाने से झगड़ा सुलझ जाए?

जवाब- वहां झगड़ा ये है कि आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार ज्यादा नाकाम है या केंद्र की भाजपा सरकार ज्यादा नाकाम है। हमारी पार्टी में झगड़ा किसी बात का नहीं है। यह बात सही है कि कभी-कभी परिवार में किन्हीं मुद्दों पर अप्रोच कौन सी ली जाए उसपे असहमति हो सकती है और हमारी पार्टी में लोकतांत्रिक व्यवस्था है कि आप अपनी बातों को रख सकते हैं लेकिन सबका जो एकमात्र ध्यान है वो सरकार बनाना, चुनाव में जीतकर आना है और हमारा जी ग्लोरियस इतिहास है पंजाब का वहां लेकर जाना है। 

सवाल- क्या ये अप्रोच का ही मतभेद है या आपको कुछ और लगा लोगों से बात करके?

जवाब- मैंने कहा न कि मुझे यही झलक दिखाई दी कि कैसे कितनी जल्दी जनता को कांग्रेस पार्टी को जनता के लेकर जाएं और अपनी कांग्रेस की सरकार बनाएं। 

सवाल- पंजाब का मालवा रीजन बहुत कमजोर है, इसके लिए क्या प्लानिंग है?

जवाब- तीनों क्षेत्र हमारे स्ट्रांग है। पिछला जी चुनाव था वो एक अलग चुनाव था। आम आदमी पार्टी ने बहुत ज्यादा वादें लोगों को दिए और सरकार बना ली। मुझे लगता है कि अधिकांश सीटें मालवा क्षेत्र से आती है। हम वहां मजबूती से मैदान में उतरेंगे और मुझे लगता है कि वहां पर हमारा परफोर्मेंस पहले से बहुत अच्छा रहेगा। 

सवाल- राहुल गांधी की यात्रा कब और कैसी होगी?

जवाब- राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे का प्रोग्राम हम चाहते हैं। मैंने उनसे अनुरोध किया है कि अपना समय निकालें। क्योंकि उत्तराखण्ड, उत्तरप्रदेश और बहुत जगह चुनाव है। 

सवाल- बस यात्रा की बात चल रही है राहुल गांधी की?

जवाब- रूपरेखा हम बना रहे हैं। यात्रा भी होगी, मीटिंग भी होगी, संपर्क भी होगा, अलग अलग प्रोग्राम होंगे लेकिन राहुल गांधी बहुत जल्द पंजाब में आकर एक औपचारिक शुरुआत हमारे कैम्पेन की करने जा रहे हैं। 

सवाल- कैप्टन अमरिंदर सिंह की वापसी की अटकलें चल रही है?

जवाब- इस विषय पर मेरी कोई चर्चा किसी से हुई नहीं है। 

सवाल- 18 सितंबर से पंजाब में बीजेपी ड्रग्स और नशे के खिलाफ एक कैंपेन की शुरुआत करने वाली है जिसमें खुद अमित शाह शामिल रहेंगे। आपको लगता है कि नशे का जो मामला है क्योंकि बॉर्डर से 50 किलोमीटर का इलाका गृह मंत्रालय के अधीन है?

जवाब- इससे बड़ा विरोधाभास नहीं हो सकता। वो 12 साल सरकार में है और ऐतिहासिक मात्रा में ड्रग्स हमारे देश में आ रही है। हमारे देश में ड्रग्स एंटर कर रही है, पोर्ट्स में पकड़ी जा रही है। 21000 करोड़ की ड्रग्स गुजरात में पोर्ट में पकड़ी गई। सरकार भाजपा की है वहां, गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और सारी इंटेलीजेंस ब्यूरो आपके पास है फिर भी ये आई है। आप समझिए कि दुनिया का सबसे बड़ा ड्रग हब हम बन रहे हैं। 21000 करोड़ के ड्रग्स पकड़े जाना ये कितने बड़े कंटेनर में आती होगी। उसमें आप अंकुश लगा नहीं पा रहे हैं और जनता के सामने घड़ियाली आंसू बहाकर ये बताना कि हम ड्रग्स के खिलाफ है ये गलत है। नशा जो खोखला हमारे पंजाब के जवानों को कर रहा है इसमें मैं समझता हूं कि ये देश की सुरक्षा का मामला है। ये पंजाब के लिए प्राथमिकता है और जो लोग आज ड्रग्स में है जिनके हम वीडियो देखते हैं जैसे जॉम्बी ड्रग जी आता है वो कितना खतरनाक होता है। सरकार आपकी, मंत्रालय आपका, राज आपका, फेलियर आपका और फिर आप जा के वहां लोगों को आश्वस्त करना चाहते है कि हम रोक लगाएंगे। किस मुंह से आप जाकर बोलेंगे पंजाब में आप रोक लगाएंगे। आपके पास सब कुछ है लेकिन इच्छाशक्ति नहीं है।

सवाल- गुलजार सिंह का मामला इसी से जुड़ा हुआ है। आपने देखा होगा?

जवाब- आप सुबह गुलजार सिंह के परिवार ने स्टेटमेंट दिया है उसे ध्यान से सुनिये। जो दबाव उस व्यक्ति पर डाला गया उसने अपनी जान ले ली जिसमें एक रिकॉर्डेड टाइम डिक्लेरेशन है। जिनका नाम लेकर वो बोल रहा है उनका नाम FIR में तक नहीं है। किस नैतिकता की बात अरविंद केजरीवाल करते हैं। ये क्या उदाहरण सेट करेंगे कि एक व्यक्ति जिसका बच्चा नशे से मारने की कगार पर है वो बाप अपने बेटे की जान बचाने के लिए मंत्री से गुहार करता है, उसको बेइज्जत किया जाता है दबाव डाला जाता है और वो नाम लेकर बोल रहा है कि चीमा जी की वजह से मैं मर रहा हूं। ना तो मुख्यमंत्री ना आप कन्वीनर को एक्शन ले रहे हैं। ये तो स्थिति है पंजाब की और भाजपा वहां जाकर कैंपेन कर रही है। ये जो चीमा जी का नाम लिया गया है ये एक ऐसा उदाहरण है कि पब्लिक से कितनी दूरी आम आदमी पार्टी की हो चुकी है।

सवाल- अगर अकाली और भाजपा का गठबंधन होता है तो आप क्या करेंगे? 

जवाब- उनकी मर्जी है वह गठबंधन कर ना करें लेकिन मैंने पहले भी कहा था कि जब बादल साहब जिंदा थे तब भाजपा और अकाली गठबंधन अच्छी तरह से पंजाब में चुनाव हारा था और अभी दोनों पार्टियों डिफीट हो चुकी हैm अकाली दल का बंटवारा हो चुका है, उसके कई हिस्से बन चुके हैं। बीजेपी बिना अकाली के पंजाब में कुछ भी नहीं थी पहले और अब भी नहीं है। आज अपनी जमीन तलाशने के लिए एक डेसपरेट गठबंधन बनाना चाहते हैं जिसकी कोई अहमियत नहीं है। मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच में रहेगा। मुझे पूरा विश्वास है की जो बाकी दल है वह पब्लिक का विश्वास नहीं जीत पाएंगे। 

सवाल- वारिस पंजाबी डी पर क्या कहेंगे?

जवाब- हर पार्टी और हर नेता को चुनाव लड़ने का अधिकार है, लेकिन एजेंडा क्लियर और पॉजिटिव होना चाहिए और संविधान को ध्यान में रखते हुए होना चाहिए। अपनी बातें रखनी चाहिए जो दल, जो विचारधारा, जो संगठन इस देश की उन्नति चाहता है, लोगों का विकास चाहता है उसका स्वागत है लड़ने के लिए लेकिन कोई धर्म और क्षेत्रवाद के नाम पर लोगों को भटकाता है तो उसको कभी सही नहीं ठहराया जा सकता। 

सवाल- अरविंद केजरीवाल का आरोप है कि पंजाब में नशे को कांग्रेस ने फैलाया है और उस गंदगी को समेटने का काम हमारी सरकार ने किया है?

जवाब- साढ़े चार साल तक आम आदमी पार्टी की सरकार क्या कर रही थी। यह सिर्फ और सिर्फ नेताओं का संरक्षण, उनको प्रमोट करना, उनको बचा के रखना और अपनी पॉलीटिकल पार्टी को जिंदा रखने का काम कर रहे हैं। यह चार साल पंजाब सरकार की नैतिक जिम्मेदारी थी की जनता की सेवा करें लेकिन उन्होंने सिर्फ अपने नेताओं पर ध्यान दिया। जो काम आप इतने सालों में नहीं कर पाए वह जनता क्यों मानेगी कि आप अगले 5 सालों में कर देंगे। पंजाब में जो ड्रग्स का मामला फैला है यह एक नेक्सस है। ड्रग्स का, खेल का, सत्ता में बैठे नेताओं का और जो पॉलिटिकल पार्टी आज राज करती है उनके संरक्षण के बिना यह नेटवर्क नहीं चल सकता। जब तक यह नेक्सस नहीं टूटेगा यह जो सरहद पार से बड़ी क्वांटिटी में ड्रग्स आ रहा है इसके लिए स्टेट और केंद्र की सरकार जिम्मेदार है। 

नशा जो पंजाब में आ रहा है इसको डिस्ट्रीब्यूशन करने का जो नेटवर्क है वह लोकल ब्यूरोक्रेसी और नेताओं के बिना पॉसिबल नहीं है। यह जिम्मेदारी से हट रहे हैं और मुझे दुख इस बात का है कि जो मुख्यमंत्री अपने आप को बचाने के लिए जो व्यक्ति सुसाइड कर रहा है, उसकी मदद करने की बजाय, गलती स्वीकार करने की बजाय उसपर केस कर रहा हो और दबाव बना रहा हो उसके लिए क्या कहा गए। जल्दबाजी में आपने उसका  अंतिम संस्कार करवा दिया ताकि कोई मुद्दा ना बने, आपने सारे सबूत मिटा दिए। जिन अधिकारियों ने यह किया है हमारी सरकार बनेगी तो हम उन पर एक्शन लेंगे जिन्होंने भी गुलजार सिंह के प्रकरण में गलत काम किया है उन सब अधिकारियों को कानून के तहत सख्त से सख्त सजा दी जाएगी।

सवाल- जहां पहले आप प्रभारी थे वहां के नेता को प्रभारी से हटा दिया गया और जहां आप प्रभारी बने हैं वहां एक नेता है वह आपके प्रभारी हैं। यह कैसे सुलझेगा?

जवाब- भूपेश बघेल ने पंजाब में बहुत काम किया है। वह एक-एक हल्के में, गांव में गए और सभाएं की। वह पुराने और सुलझे हुए नेता हैं। समय-समय पर पार्टी समय के अनुसार जिम्मेदारी बदलती रहती है। पहले मैं छत्तीसगढ़ का इंचार्ज था और अब पंजाब का इंचार्ज हूं। हो सकता है कल कहीं और का इंचार्ज हो जाऊं। मुझे नहीं लगता इसमें हमें कोई सवाल करना चाहिए कि कोई कहीं प्रभारी क्यों बना है। जो भी प्रभारी है उसका एक ही लक्ष्य है कांग्रेस पार्टी को जितना, सबको साथ लेकर चलना। बघेल जी के काम को लेकर ही हम आगे बढ़ेंगे। जो उन्होंने इन डेढ़ सालों में नींव रखी है इसी काम को हम आगे बढ़ाएंगे और राहुल जी के निर्देश पर काम करेंगे। 

सवाल- आप जिस राज्य के प्रभारी हैं उस राज्य के एक नेता आपके प्रभारी हैं?

जवाब- इसमें कोई अलग बात नहीं है। दोनों मिलकर काम करेंगे और दोनों राज्यों में सरकार बनेगी तो कांग्रेस पार्टी और जनता का ही भला है।

Sachin Pilot on Punjab Elections
पंजाब के पूर्व मंत्री भगत चुन्नी लाल का निधन, 2012 में बादल सरकार में रहे थे कैबिनेट मंत्री

सवाल- क्या पंजाब में कांग्रेस पार्टी किसी एक नेता को चेहरा बनाकर आगे जाएगी क्योंकि कुछ लोगों को कहना है कि पंजाब में पर्सनैलिटी वाला चुनाव होता है? 

जवाब- जब पिछला चुनाव हुआ था तब आम आदमी पार्टी का कोई चेहरा नहीं था। जब कोई सीएम बन जाता है तो बिना कहे उस व्यक्ति के नेतृत्व में चुनाव होता है, यह हर जगह होता है और हमारी सरकार थी तब भी होता था। आज हम विपक्ष में हैं तो कोई एक चेहरा, दो चेहरा और पांच चेहरों की बात नहीं है। ये पूरी पार्टी की बात है और इसका नेतृत्व खड़गे जी और राहुल जी करेंगे। हम सब लोगों का सपोर्ट करेंगे और नेताओं की कमी कांग्रेस में नहीं है। हो सकता है भाजपा, अकाली, आम आदमी पार्टी में एक या दो नेता हो लेकिन हमारी पार्टी में बहुत जिम्मेदारी वाले लोग हैं जो सभी जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com