ED Raid On Mahesh Timber: बैंक धोखाधड़ी मामले में ED का बड़ा एक्शन, दिल्ली-गोवा समेत 11 ठिकानों पर छापेमारी

ED Raid On Mahesh Timber: बैंक धोखाधड़ी मामले में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े दिल्ली, करनाल और गोवा के 11 ठिकानों पर छापेमारी की गई।
ED Raid on Mahesh Timber: Major ED action in bank fraud case, raids at 11 locations including Delhi and Goa.
प्रवर्तन निदेशालय (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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ED Raid In fraud And Money Laundering Case: बैंकिंग धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक बड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को व्यापक कार्रवाई करते हुए करनाल, दिल्ली और गोवा में 11 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ चल रही जांच के तहत की गई। ईडी की चंडीगढ़ जोनल यूनिट ने कंपनी से जुड़े अशोक मित्तल, सौरभ ढींगरा, भरत भूषण मित्तल, रमन सिंघल समेत अन्य व्यक्तियों के परिसरों की तलाशी ली।

जांच एजेंसी के अनुसार, यह मामला बैंकिंग प्रणाली में कथित हेराफेरी कर विदेशी लेटर ऑफ क्रेडिट (FLC) की वैल्यू को अवैध रूप से बढ़ाने और बैंकों को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाने से जुड़ा है। आरोप है कि इस कथित धोखाधड़ी के कारण ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और अन्य कंसोर्टियम बैंकों को करीब 155.21 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

195.02 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी

ईडी की जांच से पता चला कि महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड ने भारत और सिंगापुर में जुड़ी कंपनियों और लोगों के साथ मिलकर बिना किसी असली लकड़ी के आयात के हेरफेर किए गए एफएलसी के जरिए लगभग 195.02 करोड़ रुपए की धनराशि धोखाधड़ी से ट्रांसफर की। कस्टम अधिकारियों द्वारा की गई जांच से यह साबित हुआ कि बैंकों को सौंपे गए बड़ी संख्या में 'बिल ऑफ एंट्री' और 'बिल ऑफ लैडिंग' नकली और मनगढ़ंत थे।

ED जांच में बड़ा खुलासा

ईडी की जांच में यह भी पता चला कि अमेजन एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, महेश टिम्बर सिंगापुर प्राइवेट लिमिटेड, ट्रैफिक मीडिया इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, बीवीएम शिपिंग प्राइवेट लिमिटेड और पर्ल मैरीटाइम प्राइवेट लिमिटेड जैसी शिपिंग कंपनियों का इस्तेमाल सिंगापुर से भारत में लकड़ी के नकली आयात का भ्रम पैदा करने के लिए किया गया था, ताकि ओबीसी बैंक को धोखा देकर ऐसे नकली आयात के बदले सिंगापुर में एफएलसी की बढ़ी हुई वैल्यू को खोला और ट्रांसफर किया जा सके।

जांच में कई नामों की भूमिका उजागर

जांच के दौरान दीपक सिंगला के साथ-साथ अशोक कुमार मित्तल और रमन सिंघल की भूमिका भी प्रमुखता से सामने आई है। अशोक कुमार मित्तल और रमन सिंघल ने महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड और महेश रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड में डायरेक्टर/मुख्य प्रबंधकीय पदों पर काम किया था।

 अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त

ईडी की तलाशी के दौरान पता चला कि संबंधित अवधि में अमेजन एक्सपोर्ट्स पीटीई लिमिटेड (सिंगापुर), महेश टिम्बर सिंगापुर पीटीई लिमिटेड, पर्ल मैरीटाइम, बीवीएम शिपिंग और ट्रैफिक मीडिया इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने बिना असल आयात के ही आयातित लकड़ी की कथित खरीद-बिक्री से जुड़े फर्जी लेन-देन किए। साथ ही, सौरभ ढींगरा, भरत भूषण मित्तल और अन्य लोगों की मदद से अपराध से हुई कमाई को रूट और लेयरिंग करने का भी पता चला है।

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