क्या सोनिया और राहुल गांधी ने की 142 करोड़ की काली कमाई, National Herald केस में ED का दावा
नेशनल हेलाल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी घिरते नजर आ रहे हैं। ईडी ने कोर्ट में दी गई दलील में कहा है कि प्रथम दृष्टया दोनों पर मामला बनता है। दोनों ने मामले में अवैध रूप से 142 करोड़ रुपये कमाए हैं।
- Written By: यतीश श्रीवास्तव
नेशनल हेराल्ड मामले में राहुल, सोनिया पर ईडी का निशाना
नई दिल्ली: नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर तलवार लटकती दिख रही है। ईडी लगाातर कांग्रेस के दोनों दिग्गजों पर प्रहार कर रही है। बुधवार को दिल्ली की अदालत में ईडी ने दलील पेश की है कि मामले में कांग्रेस के दोनों नेताओं के खिलाफ प्रथम दृष्टया केस बनता है। ईडी ने विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने के सामने मामले के संज्ञान लेने के उद्देश्य से ये दलीलें रखीं।
इस मामले में न्यायाधीश ने निर्देश दिया है कि ईडी अपने आरोपपत्र की प्रति भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी को उपलब्ध कराए। क्योंकि उन्हीं की शिकायत के आधार पर यह पूरा मामला दर्ज किया गया था। ईडी ने 2021 में इस मामले में आरोप पत्र दाखिल करने के साथ जांच शुरू की थी। जब 2014 में सुब्रमण्यम स्वामी की ओर से निजी शिकायत पर मामले को संज्ञान में लिया गया था।
जब तक अवैध आय जब्त नहीं की, आनंद लेते रहे
2 से 8 जुलाई तक रोज होगी सुनवाई
आज कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के वकील ने कहा कि चार्जशीट काफी दस्तावेजों से भरा है। इसे पढ़ने में समय लगेगा।आरोपियों की दलील का ईडी ने विरोध कर जल्द सुनवाई करने की मांग की। कोर्ट ने कहा कि 2 से 8 जुलाई तक इस मामले में रोज सुनवाई की जाएगी।
सम्बंधित ख़बरें
ED का डबल अटैक! AAP नेता दीपक सिंगला के घर पर छापा, दिल्ली से गोवा तक मची खलबली
केरलम में UDF सरकार का आगाज, वीडी सतीशन ने 20 कैबिनेट मंत्रियों के साथ ली शपथ, इन 14 नए चेहरों को मिली जगह
VD Satheesan Oath: केरलम के नए सीएम बने वीडी सतीशन, 20 सदस्यीय कैबिनेट के साथ ली मुख्यमंत्री पद की शपथ
आज सीएम पद की शपथ लेंगे वीडी सतीशन, केरल में लगेगा कांग्रेस के दिग्गज नेताओं का जमावड़ा
National Herald Case में सोनिया और राहुल को मिली बड़ी राहत, कोर्ट ने नोटिस जारी करने से किया इनकार
क्या है नेशनल हेराल्ड मामला
नेशनल हेराल्ड अखबार 1938 में शुरू किया गया था। पंडित जवाहरलाल नेहरू और अन्य लोगों ने मिलकर इसे भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को समर्थन देने के लिए शुरू किया था। एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की ओर से इसे प्रकाशित किया जाता था जो 1937 में गठित एक गैर-लाभकारी कंपनी थी। ये कंपनी कौमी आवाज़ (उर्दू) और नवजीवन (हिंदी) अखबार भी प्रकाशित करती थी। साल 2008 में AJL ने भारी कर्ज समेत वित्तीय मुश्किलों की वजह से नेशनल हेराल्ड और उसके सहयोगी पब्लिकेशंस का प्रकाशन बंद कर दिया था।
