

नई दिल्ली: बीते 21 मई की रात दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी के बाद जब मौसम बदला तो राहत की जगह लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ा। बुधवार रात को आंधी-तूफान के साथ आई बारिश ने दिल्ली और उसके आसपास के तमाम इलाकों में तबाही मचा दी, जिसकी वजह से ना केवल कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंबे उखड़ गए, बल्कि 6 लोगों की जान भी चली गई।
दिल्ली-एनसीआर में इस तूफान की वजह से कम से कम आधा दर्जन लोगों की मौत हो गई। हादसों में दिल्ली में दो, गाजियाबाद में तीन और नोएडा में एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस दौरान पालम में हवा की रफ्तार 72 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई, जबकि सफदरजंग में 79 किलोमीटर प्रति घंटा। आंधी थमने के बाद दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में हर जगह तबाही का मंजर देखने को मिला।
इस आंधी ने कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे उखाड़ दिए। कहीं दीवार गिर गई तो कहीं होर्डिंग उड़कर दूर जा गिरे। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन इलाके में बिजली का खंभा गिरने से उसकी चपेट में आकर एक दिव्यांग की मौत हो गई।
गाजियाबाद पुलिस के मुताबिक बुधवार रात आंधी और बारिश के बीच एक बाइक सवार हापुड़ चुंगी से डासना जा रहा था। जैसे ही वह हापुड़ रोड स्थित नशा मुक्ति केंद्र के पास पहुंचा तो एक पेड़ टूटकर गिर गया, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। इसके अलावा अन्य दो लोगों की मौत हो गई।
वहीं, इस तूफान की वजह से दिल्ली की मेट्रो की रफ्तार भी धीमी हो गई और कई उड़ानों पर भी इसका असर पड़ा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, खराब मौसम के कारण कम से कम 10 उड़ानों को नजदीकी हवाई अड्डों पर डायवर्ट किया गया और अधिकारियों ने कहा कि शाम 7:45 बजे से 8:45 बजे के बीच 50 से अधिक उड़ानों में भी देरी हो गई।