1 अक्टूबर से Delhi-NCR में बदल जाएंगे नियम, अब बिना PUC नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल; जान लें ये 3 बड़े फैसले

Delhi NCR Pollution Rule: दिल्ली-NCR में प्रदूषण रोकने के लिए CAQM ने 'No PUC, No Fuel' नियम लागू किया है। 1 अक्टूबर 2026 से बिना वैध सर्टिफिकेट पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा।
Rules to Change from October 1: No Petrol or Diesel Without a PUC Certificate; Know These 3 Major Decisions
सांकेतिक एआई फोटो
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CAQM Decisions On Delhi NCR Pollution: दिल्ली- NCR में बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने कई कड़े कदम उठाए हैं। आयोग ने प्रदूषण के मुख्य स्रोतों वाहन उत्सर्जन और पराली पर प्रहार करने के लिए तीन बड़े फैसले लिए हैं। इन फैसलों का मुख्य उद्देश्य न केवल हवा को साफ करना है, बल्कि क्षेत्र में प्रदूषण मुक्त परिवहन प्रणाली विकसित करना भी है।

No PUC, No Fuel

CAQM ने एनसीआर में 'No PUC, No Fuel' नियम लागू करने का बड़ा फैसला लिया है। यह नियम 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी रूप से लागू हो जाएगा। इसके तहत, यदि किसी वाहन चालक के पास PUC नहीं है तो उसे पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल या डीजल नहीं मिलेगा। इस पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए दिल्ली-एनसीआर के सभी पेट्रोल पंपों पर ANPR यानी 'ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन' कैमरे लगाए जाएंगे। जब भी कोई वाहन ईंधन भरवाने पहुंचेगा तो ये कैमरे उसकी नंबर प्लेट को स्कैन करेंगे और तुरंत डेटाबेस से वाहन के PUC स्टेटस की जांच कर लेंगे।

पराली पर विशेष निगरानी

दिल्ली - NCR में प्रदूषण फैलने का एक सबसे बड़ा कारण पराली भी है। जिससे निपटने के लिए आयोग ने उत्तर भारतीय राज्यों के लिए सख्त समय सीमा निर्धारित की है। पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश को 2026 तक पराली जलाने की घटनाओं को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए हर गांव के खेतों की जीपीएस मैपिंग की जाएगी और निगरानी के लिए 'पराली प्रोटेक्शन फोर्स' तैनात की जाएगी।

No PUC No Fuel In Delhi NCR
दिल्ली NCR में PUC नहीं तो फ्यूल नहीं, AI फोटो

इसके साथ ही, प्रशासन ने यह भी निर्णय लिया है कि 100 किसानों के समूह पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। जबकि अधिक संवेदनशील गांवों में 50 किसानों पर एक अधिकारी नजर रखेगा। इसके अलावा, रात के समय गश्त बढ़ाई जाएगी और सैटेलाइट डेटा के माध्यम से रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसानों के खिलाफ भारी पर्यावरण जुर्माना लगाने के साफ-साफ निर्देश दिए गए हैं। वहीं, छोटे किसानों की मदद के लिए उन्हें अगस्त 2026 तक मुफ्त CRM मशीनें भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

2027 से डीजल और CNG ऑटो पर लगेगी रोक

भविष्य के परिवहन को ध्यान में रखते हुए, CAQM ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की ओर बढ़ने का रोडमैप तैयार किया है। आयोग के नए प्रस्ताव के अनुसार, 2027 से दिल्ली में किसी भी नए CNG या डीजल थ्री-व्हीलर का पंजीकरण नहीं किया जाएगा। इसके स्थान पर केवल 'L5' श्रेणी के इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर ही पंजीकृत होंगे।

यह प्रतिबंध 2028 तक एनसीआर के उन सभी जिलों में लागू कर दिया जाएगा जहां वाहनों की संख्या अधिक है। आयोग चाहता है कि ऑटो और मालवाहक वाहनों के बेड़े को धीरे-धीरे EV वाहनों में परिवर्तित किया जाए। जिससे कार्बन उत्सर्जन को कम से कम किया जा सके। इन सख्त कदमों से दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता में ठोस सुधार आने की प्रबल संभावना है।

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