दिल्ली में चलती बस में दरिंदगी की शिकार पीड़िता ने बताई आपबीती, सीसीटीवी फुटेज ने खोले राज

Pitampura Gangrape Case: पीतमपुरा की रहने वाली एक 30 वर्षीय महिला के साथ दिल्ली में एक चलती निजी बस में दो लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। अब उसी बस की सीसीटीवी सामने आई है।
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बरामद हुई बस, फोटो- सोशल मीडिया
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Delhi Gangrape Case: दिल्ली में चलती बस में दरिंदगी की शिकार पीड़िता बच्चों का वास्ता देकर रिहाई की गुहार लगाई थी, जिसे सुनकर भी दरिंदों का दिल नहीं पसीजा। दुष्कर्म के बाद महिला को बस से बाहर फेंक दिया गया। इसके बाद महिला ने पुलिस को फोन लगाया।

यह घटना तब हुई जब पीड़िता सुल्तानपुरी में अपने भाई की घर शिफ्ट करने में मदद करने के बाद वापस लौट रही थी। रास्ते में आउटर रिंग रोड पर एक निजी बस में सवार होने के दौरान उसे हवस का शिकार बनाया गया। इस भयावह घटना के दौरान पीड़िता की मार्मिक अपील और उसके बाद की परिस्थितियों ने सबको झकझोर कर रख दिया है।

पीड़िता की बेबसी पर भी नहीं पसीजा दरिंदों का दिल

पीड़िता ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि बस रुकने पर जब वह समय पूछने के लिए उसमें सवार हुई, तो अंदर मौजूद एक व्यक्ति ने उसे पीछे धकेल दिया और चलती बस में उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद जब बस नांगलोई रेलवे स्टेशन के पास पार्क की गई, तो बस चालक ने भी उसके साथ बलात्कार किया। अपनी जान बचाने के लिए महिला ने गिड़गिड़ाते हुए कहा, 'मैं तुम्हारे खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करूंगी, प्लीज मुझे जाने दो। मेरे तीन बच्चे घर पर मेरा इंतजार कर रहे हैं'। उसकी इसी मार्मिक अपील के बाद आरोपियों ने उसे जाने दिया।

यूपी के रहने वाले दोनों आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल

पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान उमेश कुमार और रामेंद्र कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और उनकी उम्र 35 वर्ष से अधिक है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने उमेश को मौके से ही हिरासत में लिया था, जबकि रामेंद्र बाद में पकड़ा गया।

'घर पर खाना कौन बनाएगा', अस्पताल में भर्ती होने से किया इनकार

वारदात के बाद जब पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए पीतमपुरा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने उसकी हालत देखते हुए उसे भर्ती होने की सलाह दी। हालांकि, एक मां और पत्नी के रूप में अपनी जिम्मेदारी को प्राथमिकता देते हुए उसने अस्पताल में रहने से इनकार कर दिया। उसने डॉक्टरों से कहा, 'मैं भर्ती नहीं हो सकती क्योंकि मेरे पति बीमार हैं और मेरी तीन बेटियां मेरा इंतजार कर रही हैं। घर पर खाना कौन बनाएगा?'

सीसीटीवी फुटेज आया सामने

पुलिस की मानें तो महिला को लगभग आधी रात को सरस्वती विहार बस स्टैंड से बस में खींचा गया था। सीसीटीवी फुटेज में बस को दीपाली चौक मेट्रो स्टेशन की तरफ जाते हुए और फिर मंगोलपुरी फ्लाईओवर पार कर पीरगढ़ी की ओर जाते हुए देखा गया। इस रिपोर्ट के अनुसार वाहन पीरगढ़ी और उद्योग नगर मेट्रो स्टेशनों को पार करते हुए नांगलोई रेलवे स्टेशन के पास नांगलोई रेलवे रोड पर पहुंचा।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि सरस्वती विहार से नांगलोई तक का रास्ता तय करने में बस को करीब 45 मिनट लगे। हालांकि, CCTV फुटेज से पता चला कि नांगलोई रेलवे रोड पहुंचने के बाद बस वहां 90 मिनट से अधिक समय तक खड़ी रही।

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