

AI Impact Summit: दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ स्थल पर हुए विरोध प्रदर्शन के मामले में इंडियन युथ कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने गैर-जमानती धाराओं में एफआईआर दर्ज की है और वीडियो फुटेज में दिख रहे अन्य प्रदर्शनकारियों की तलाश जारी है। भारत मंडपम में हुए इस विरोध के बाद दिल्ली-एनसीआर में छापेमारी की जा रही है। मंडपम से फरार सात प्रदर्शनकारियों की पहचान के लिए पुलिस करीब 15 वीडियो क्लिप्स खंगाल रही है।
पुलिस यह जांच कर रही है कि प्रदर्शनकारी कार्यक्रम स्थल तक कैसे पहुंचे, वे कहां ठहरे थे, दिल्ली कब आए और यदि वाहन से आए तो गाड़ियां किसके नाम पर थीं। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि विरोध से पहले उन्होंने किन-किन लोगों से संपर्क किया।
साथ ही यह भी जांच का विषय है कि टी-शर्ट दिल्ली में छपवाई गई या बाहर, उसका भुगतान किसने किया, और काली छतरी के साथ प्रवेश करने की कथित योजना किसकी थी जिसे बाद में बदल दिया गया। एफआईआर में आपराधिक षड्यंत्र, लोक सेवक को चोट पहुंचाने और उस पर हमला करने, लोक सेवक के आदेश की अवहेलना, गैरकानूनी सभा और कॉमन इंटेंशन जैसी धाराएं शामिल की गई हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक गिरफ्तार चार लोगों की पहचान बिहार से युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कृष्णा हरि, बिहार के राज्य सचिव कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार और तेलंगाना से नरसिम्हा यादव के रूप में हुई है। पुलिस उदय भानु से भी संसद मार्ग थाने में पूछताछ कर रही है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (नई दिल्ली) देवेश महला के अनुसार, “करीब 15 लोग हॉल नंबर 5 की लॉबी में पहुंचे और शर्ट के नीचे पहनी टी-शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया।” आरोप है कि इस दौरान सुरक्षाकर्मियों और पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या इस विरोध के पीछे कोई बड़ी साजिश थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर क्यूआर कोड के जरिए ऑनलाइन पंजीकरण कर प्रवेश लिया और फिर प्रदर्शनी हॉल के अंदर नारेबाजी की।
विरोध के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीरों वाली टी-शर्ट पहन रखी थी, जिन पर “इंडिया यूएस ट्रेड डील”, “एपस्टीन फाइल्स” और “पीएम इज़ कम्प्रोमाइज्ड” जैसे नारे लिखे थे। कुछ ने टी-शर्ट उतारकर प्रदर्शन किया। फिलहाल पुलिस तकनीकी निगरानी के जरिए फरार प्रदर्शनकारियों की तलाश में जुटी है और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है।