अगर PUC नहीं तो भूल जाओ पेट्रोल-डीजल, दिल्ली सरकार का सख्त आदेश; CM रेखा गुप्ता ने दी जानकारी
Delhi News: दिल्ली में अब 'NO PUC-NO FUEL.' सीएम रेखा गुप्ता ने कि राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त निर्णय लेते हुए सभी पेट्रोल पंपों को दिया निर्देश।
- Written By: अमन मौर्या
रेखा गुप्ता (सोर्स-सोशल मीडिया)
Delhi Pollution Control Strict Rules 2026: देश की राजधानी दिल्ली में अक्सर वायु प्रदूषण की समस्या देखी जाती है। इसको लेकर समय-समय पर प्रदेश सरकार द्वारा कदम उठाए जाते रहे हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। वायु प्रदूषण के साथ-साथ कचरा प्रबंधन को लेकर भी विपक्ष लगातार सवाल खड़े करते रहे हैं। दिल्ली के गाजीपुर इलाके में करीब 65 मीटर ऊंचा कचरा पहाड़ भी बन गया है, जोकि पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर समस्या बना हुआ है। इसी बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रदूषण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से एक सख्त निर्णय लिया है। सीएम रेखा गुप्ता ने बिना पीयूसी प्रमाणपत्र वाले वाहनों शहर में एंट्री पर रोक लगा दिया है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सख्ती बरतते हुए अपने ऑफिशियल एक्स अकाउंट पर बुधवार को पोस्ट किया। उन्होंने लिखा दिल्ली में अब ‘NO PUC-NO FUEL.’ आगे उन्होंने लिखा कि राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण के लिए हमारी सरकार ने सख्त निर्णय लेते हुए यह फैसला लिया है कि दिल्ली में अब बिना वैध पीयूसी प्रमाणपत्र वाले वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा।
पेट्रोल पंपों को सख्त निर्देश
सीएम रेखा गुप्ता ने पेट्रोल पंपों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सभी पेट्रोल पंपों और एजेंसियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। अब बिना वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल प्रमाणपत्र वाले किसी भी वाहन को दिल्ली के फ्यूल स्टेशंस पर पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या एलपीजी जैसे ईंधन उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे। आगे सीएम ने लिखा वायु प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए कड़े और प्रभावी कदम उठाना समय की आवश्यकता है और हमारी सरकार इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता, दृढ़ इच्छाशक्ति और जनहित के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है।
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दिल्ली में अब…
NO PUC-NO FUEL राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण के लिए हमारी सरकार ने सख्त निर्णय लेते हुए यह फैसला लिया है कि दिल्ली में अब बिना वैध पीयूसी प्रमाणपत्र वाले वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा। सभी पेट्रोल पंपों और एजेंसियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि नियमों का सख्ती… pic.twitter.com/Z9WDxNAO4X — Rekha Gupta (@gupta_rekha) April 22, 2026
65 मीटर ऊंचा बना पहाड़
राजधानी दिल्ली के गाजीपुर में करीब 65 मीटर ऊंचा कचरे के पहाड़ बन गया है। यह पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए गंभीर संकट दर्शाता है। इसकी शुरुआत 1984 में हुआ था और आज यह एक विशालकाय पहाड़ का रूप ले चुका है। एक अनुमान के मुताबिक करीब 70 एकड़ में फैले इस जगह पर रोज कई टन कचरा डंप किया जाता है। इससे इलाके में हमेशा जहरीली गैसों और आग का खतरा बना रहता है। इसके निस्तारण के लिए बायोमाइनिंग जारी है। लेकिन समस्या अभी भी गंभीर बनी हुई है।
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यमुना नदी प्रदूषण की समस्या
दिल्ली – NCR से होकर बहने वाली यमुना नदी का करीब 22 किमी. का एरिया काफी प्रदूषित माना जाता है। जांच एजेंसियों की रिपोर्टों के मुताबिक नदी के इस हिस्से का पानी जैविक उपयोग में लाने योग्य नहीं है। कई जगहों पर तो प्रदूषण स्तर इतना अधिक हो चुका है कि उसमें ऑक्सीजन की मात्रा शून्य तक जा चुकी है। कुछ दिनों पहले जांच के दौरान इसमें अमोनिया और फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की मात्री बहुत अधिक पाई गई। इसी प्रकार यमुना नदी में सामान्यतया झाग की परत देखने को मिलता है। नदी में यह झाग की मोटी परत एक गंभीर समस्या बन गई है। बता दें कि इस झाग में फॉस्फेट तथा अन्य रसायनों की अधिकता होती है जोकि डिटर्जेंट-औद्योगिक कचरे से निकलते हैं।
