देश छोड़कर भागने वाली थी दिल्ली ब्लास्ट की मास्टरमाइंड डॉ. शाहीन, धमाके से पहले अप्लाई किया था वीजा

दिल्ली विस्फोट की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों में से डॉ. शाहीन शाहिद देश छोड़कर फरार होने की फिराक में थी।
Delhi blast mastermind Dr Shaheen was about to flee the country
दिल्ली ब्लास्ट की आरोपी डॉक्टर शाहीन।
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Delhi Blast updates: दिल्ली कार विस्फोट की जांच में अब एक नया खुलासा हुआ है कि आरोपियों में से डॉ. शाहीन शाहिद देश छोड़कर फरार होने की फिराक में थी। उसने वीजा के लिए अप्लाई किया था। कानपुर में अच्छी नौकरी छोड़ लापता शाहीन भारत से बाहर ट्रैवल की योजना बना रही थी।

हालांकि, ऐसा होने से पहले 10 नवंबर के विस्फोट में उसकी स्पष्ट भूमिका खुलकर सामने आ गई। अल फलाह यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर शाहीन दो करीबी सहयोगियों डॉ. उमर उन नबी और डॉ. मुजम्मिल गनी के साथ प्रमुख संदिग्ध है। समाचार

एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए संपर्क में थे तीनों आरोपी

वेबसाइट WION के मुताबिक वीजा वेरिफाई के लिए उनकी फोटो ली गई थी। वैसे, ऐसा होना वीजा (Visa) सत्यापन की सामान्य प्रक्रिया है, जो दिल्ली धमाके से पहले 3 नवंबर को की गई थी। पुलिस ने खुलासा किया है कि संदिग्ध डॉ. उमर उन नबी, डॉ. मुजम्मिल गनी और डॉ. शाहीन शाहिद एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए संपर्क में थे। इसका इस्तेमाल आतंकी साजिश से जुड़ी गतिविधियों के समन्वय और योजना के लिए किया गया था।

शाहीन का भाई भी विदेश भागने वाला था

सगे भाई-बहन शाहीन और परवेज अंसारी की कुंडली सामने आ रही है। एजेंसियों के अनुसार परवेज भी विदेश भागने के प्रयास में था। उसके घर से कई सामान जांच एजेंसियों के हाथ लग गए थे। एटीएस ने 6 नवंबर को सहारनपुर के अंबाला रोड स्थित ढाबे से आदिल को बिरयानी खाते हुए गिरफ्तार किया था। उस समय वह भागने की फिराक में था। जैसे ही आदिल दबोचा गया तो डॉ. परेवज अंसारी की नींदें उड़ गईं। उसने हड़बड़ी में भागने का फैसला लिया। इसके चलते उसके घर पर मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट और अन्य गैजेट्स छूट गए।

परवेज ने खरीदी थी एक जमीन

इन सामानों को जांच एजेंसियों ने कब्जे में ले लिया। अब मोबाइल में मिले नंबरों के आधार पर जांच जारी है। परवेज ने एक जमीन भी खरीदी थी। इसको इश्तियाक ने उसे बेची थी। सूत्रों की मानें तो परवेज को मंडियाव में जमीन एक मौलाना ने दिलाई थी। उसकी जमीन की रजिस्ट्री में फैजान ने गवाही दी थी। यह पता लगाया जा रहा कि आखिर जमीन का भुगतान किसने किया और जमीन दिलाने वालों से पूछताछ हो रही।

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