दिल्ली लाल किला ब्लास्ट (सोर्स- सोशल मीडिया)
Delhi Blast Heart wrenching Video of Rescue: राजधानी दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर की शाम को हुए बम धमाके ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस भयानक घटना में 13 लोगों की मौत हो गई थी और कई गंभीर रूप से घायल हुए थे। अब इस ब्लास्ट के तुरंत बाद का एक भयावह CCTV फुटेज सामने आया है, जो बताता है कि धमाका कितना अचानक और विनाशकारी था। साथ ही जांच एजेंसियों ने इस मामले के मुख्य संदिग्ध डॉ. उमर की कार की हर हलचल को सीसीटीवी फुटेज की मदद से ट्रेस किया है।
लाल किले के सामने हुए इस भीषण धमाके के बाद का दिल दहला देने वाला CCTV फुटेज सामने आया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ब्लास्ट के बाद चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल था। सड़क किनारे कई लोग घायल अवस्था में पड़े थे और पास के कई वाहनों में आग लगी हुई थी।
लोग अपनी जान की परवाह किए बिना तुरंत बचाव कार्य में जुट गए। फुटेज में दिखाई देता है कि लोग बदहवासी में घायलों को सड़क से हटा रहे हैं और उन्हें रेहड़ी और ई-रिक्शा में डालकर जल्दी से अस्पताल ले जा रहे हैं। कुछ लोग चीख-पुकार के बीच भी हिम्मत दिखाते हुए दूसरों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने में मदद कर रहे थे। जांच टीम ने रेड फोर्ट मेट्रो स्टेशन के भीतर और बाहर के सीसीटीवी फुटेज भी हासिल किए हैं, जो धमाके से ठीक पहले और बाद की स्थिति को स्पष्ट करते हैं। यह फुटेज बताता है कि यह हमला कितना भयानक और अचानक था।
दिल्ली के लाल किले पर ब्लास्ट के बाद का एक और सीसीटीवी फुटेज सामने आया है जिसमें आप देख सकते हैं की किस तरह वहां पर लोग घायलों को ई-रिक्शा में भरकर ले जा रहे हैं साथ ही सभी घायलों को सड़क किनारे बिठाया जा रहा है यह दिल को दहला देने वाला सीसीटीवी फुटेज लाल किले पर हुए बम ब्लास्ट… pic.twitter.com/cmrT4mRZ9I — Deepak Sharma (@Deepakhk88) November 15, 2025
इस मामले की जांच कर रही NIA ने संदिग्ध आतंकी डॉ. उमर की आई-20 कार की गतिविधियों की एक विस्तृत टाइमलाइन तैयार की है। यह कार 29 अक्टूबर से लेकर ब्लास्ट वाले दिन यानी 10 नवंबर तक 43 अलग-अलग CCTV कैमरों में कैद हुई है। यह फुटेज दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, इंडिया गेट, नोएडा और लाल किला पार्किंग सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों से प्राप्त किए गए हैं।
NIA के अनुसार यह टाइमलाइन जांच में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो रही है। कार की मूवमेंट को ट्रैक करने से पता चला कि यह 29 अक्टूबर को यूनिवर्सिटी पार्किंग में देखी गई फिर 30 अक्टूबर को मैकेनिक के पास पहुंची। इसके बाद 9 नवंबर की रात को यह खलीलपुर टोल प्लाजा पर दिखी और ब्लास्ट के दिन 10 नवंबर को सुबह 8 बजे से दोपहर 3:30 बजे के बीच यह दिल्ली के कई मुख्य स्थानों जैसे आश्रम चौक, इंडिया गेट, निज़ामुद्दीन और कनॉट प्लेस से गुजरी।
आखिरकार यह कार दोपहर 3:29 बजे लाल किला पार्किंग में दाखिल हुई और शाम 6:23 बजे बाहर निकली और 6:50 बजे ब्लास्ट वाली जगह पर पहुंची।
यह भी पढ़ें: नौगाम पुलिस स्टेशन ब्लास्ट पर एलजी सिन्हा ने दिए जांच के आदेश, 9 की शहादत पर नेताओं ने जताया दुख
दिल्ली पुलिस ने पहले आपराधिक साजिश के तहत FIR दर्ज की थी जिसे बाद में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत NIA को सौंप दिया गया। यह धमाका ऐसे समय में हुआ जब एजेंसियों ने कुछ घंटे पहले ही जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और यूपी में फैले एक ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ का भंडाफोड़ किया था। उस ऑपरेशन में 2,900 किलो विस्फोटक बरामद हुआ था और तीन डॉक्टरों समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। NIA ने उमर की कार से मिले अवशेषों, सर्किट, वायरिंग और केमिकल सैंपल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। एजेंसियों का मानना है कि सीसीटीवी ट्रेल से मिली जानकारी के आधार पर ही इस बड़ी साजिश की दिशा तय होगी।