

CM Rekha Gupta Honors Heroes: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार देर शाम दिल्ली सचिवालय में आयोजित एक भावुक और गरिमायी समारोह में मालवीय नगर अग्निकांड और साकेत इमारत के गिरने की त्रासदी में जान गवांने वालों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने आपदा के समय अदम्य साहस का परिचय देने वाले बचावकर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों को सम्मानित किया।
रेखा गुप्ता ने एलान किया कि सरकार दुर्घटनाओं में जान गवांने वालों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहती है कि दोनों ही घटनाएं बहुत ही दर्दनाक और भयानक थी। साथ ही मृत हुए व्यक्तियों के परिजनों को दिल्ली सरकार की तरफ से 10-10 लाख रुपये की राहत राशि दी जाएगी। इसके साथ ही दुर्घटना में घायल हुए लोगों का इलाज और पुनर्वास के लिए 2-2 लाख तक की राशि से आर्थिक मदद की जाएगी। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी निर्देश देते हुए कहा कि राहत राशि का विवरण पूरी पारदर्शिता तरीके से सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि पीड़ितों को तुरंत सहारा मिल सकें।
रेखा गुप्ता ने उन नायकों को भी सम्मानित किया जिन्होंने घटना के समय अपनी जान को जोखिम में डाल कर हादसे में फसे लोगों की जान बचाई। मुख्यमंत्री ने मालवीय नगर के हौजरानी अग्निकांड में गद्दे बिछाकर कई लोगों की जान बचाने वाले रियाजुद्दीन मंसूरी की विशेष सरहना की। उन्होंने कहा कि हम सब आपके इस जब्बे को सलाम करते है।
ये ही नहीं उनके द्वारा बचाव कार्य में खराब हुए गद्दों के मूल्य की प्रतिपूर्ति करते हुए उन्हें 21000 की धनराशि का चेक भी सौंपा गया। साकेत भवन हादसे में राहत में जुटने वाले दक्षिण जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के परियोजना अधिकारी चंदर प्रकाश,निरक्षक रितेश कुमार शर्मा समेत दिल्ली पुलिस की पूरी टीम और स्थानीय नागरिकों को भी प्रशासित पत्र और 21000 की राशि से सम्मानित किया गया।
उन्होंने कहा कि संकट के समय में सीमित संसाधनों के बावजूद जिस तरह स्थानीय लोगों ने और पुलिस की पूरी टीम ने कार्रवाई की। वह दिल्ली के लिए एक प्रेरणा है। रेख गुप्ता ने स्पष्ट करते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आपदा प्रबंधन तंत्र और सुरक्षा मानकों को और साथ ही अधिक मजबूत किया जाएगा। समाज की आत्मा को झकझोर देने वाली घटनाएं दिवंगत आत्माओं के प्रति दो मिनट का मौन रखने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ क्षण ऐसे होते हैं जो समाज की आत्मा को झकझोर देते हैं. हौजरानी और साकेत की ये घटनाएं हृदयविदारक हैं।इनमें न केवल अपने बल्कि इलाज के लिए भारत आए विदेशी नागरिकों के परिवारों ने भी अपने खोए हैं. यह पीड़ा पूरे देश की है।