सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन रीलबाजों से परेशान, अब नियम तोड़ने पर होगा एक्शन…आदेश जारी
Delhi News: सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट परिसर में रील बनाने वालों से परेशान हो गया। एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट प्रशासन से रील बनाने वालों पर एसोसिएशन को एक्शन लेने का प्रस्ताव दिया है।
- Written By: Saurabh Pal
प्रतीकात्मक फोटो- सुप्रीम कोर्ट परिसर में रील बनाने पर रोक (फोटो सोशल मीडिया)
Supreme Court on Reel Maker: भारत ही नहीं दुनियाभर में रील बनाने का क्रेज है, लेकिन कई बार रील बनाने वाले इन्फ्लुएंसर सारी हदें लांघ देते हैं। सुप्रीम कोर्ट परिसर में रील बनाना या फोटोग्राफी करना सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन को खटक गया।
दरअसल इस समय कोई परिसर में एंट्री कर कोई भी रील बनाने लगता है। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिशन ने नाराजगी जाहिर की थी। मामले में एसोसिशन सुप्रीम कोर्ट प्रशासन फोटोग्राफी व रील बनाने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाने की सिफारिश कर दी, जिसे कोर्ट ने मान लिया है। अब रील बनाने पर रोक है।
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने मामले स्पष्ट निर्देश जारी करने और जागरुकता अभियान चलाने की मांग की थी। साथ ही आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का सुझाव दिया था। इसके पीछे सुप्रीम कोर्ट की गरिमा का हवाला दिया गया था
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बार एसोसिएशन ने दिए सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ये सुझाव
1. एसोसिएशन ने सुझाव दिया कि स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं कि अधिवक्ताओं के माननीय न्यायालय परिसर, गलियारों, लॉबी और विशेष रूप से न्यायालय कक्षों में अधिकारियों की अनुमित के बिना, फोटो खींचना, सेल्फी लेना या रील बनाने पर प्रतिबंध लगाया जाए।
2. सुप्रीम कोर्ट के परिसर में जगह-जगह जागरुकता के पोस्टर व प्रतीकात्मक साइन लगाए जाएं, जिनमें स्पष्ट रूप से बताया गया हो किअधिवक्ताओं और आगंतुकों द्वारा, विशेष रूप से हाई सिक्योरिटी जोन में, वीडियोग्राफी और सोशल मीडिया सामग्री बनाने पर प्रतिबंध है।
3. सीनियर सदस्यों के मार्गदर्शन में नियमित कार्यशालाएं और जागरूकता अभियान आयोजित करने चाहिए, जिसमें बार के युवा सदस्यों को शिक्षित किया जाए और उन्हें सोशल मीडिया पर सहमति के बारे में जागरूक किया जाए।
4. सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ऐसे अधिवक्ताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करेगा जो नियमों का उल्लंघन करेगा। जैसे एसोसिएशन से सदस्यता निलंबित करने के लिए चेतावनी पत्र। इसके अलावा उनके आचरण के बार संबंधित राज्य बार काउंसिल को सूचित करके उचित कदम उठाएगा।
5. सुप्रीम कोर्ट परिसर में नियमों की निगरानी के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की जानी चाहिए।
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नियमों के उल्लंघन पर होगा एक्शन
सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिशन की लगभग सभी मांगों को मान लिया है। अब सुप्रीम कोर्ट में आगतुंकों या फिर वकीलों द्वारा रील बनाए जाने पर बार एसोसिएशन अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकता है।
