MCD के 12,000 संविदा कर्मचारियों को आतिशी का गिफ्ट
नई दिल्ली: दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी को आज यानी रविवार 23 फरवरी को यहां आम आदमी पार्टी ‘आप’ के विधायकों की बैठक में दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चुना गया। पार्टी के नेताओं ने यह जानकारी दी। ‘आप’ प्रमुख अरविंद केजरीवाल और पार्टी के 22 विधायक – जिनमें कालकाजी से विधायक आतिशी भी शामिल हैं – बैठक में शामिल हुए।
वहीं दिल्ली विधानसभा का पहला सत्र 24 फरवरी से शुरू होगा जो तीन दिन का होगा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने कहा है कि पिछली आप सरकार के कामकाज के खिलाफ लंबित कैग रिपोर्ट सदन में पेश की जाएगी।
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जानकारी दें कि, बीते 17 फरवरी को आप की वरिष्ठ नेता एवं दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा पर राष्ट्रीय राजधानी में शासन के लिए एक विश्वसनीय नेता की कमी का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि, ‘‘चुनाव परिणाम घोषित हुए दस दिन हो चुके हैं। लोगों को लगा था कि भाजपा नौ फरवरी को अपने मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल की घोषणा करेगी और तुरंत विकास कार्य शुरू कर देगी। लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया है कि उनके पास दिल्ली में शासन के लिए कोई चेहरा नहीं है।’
इतना ही नही आतिशी ने यह भी दावा किया था कि प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली में चुने गए 48 भाजपा विधायकों में से किसी पर भी भरोसा नहीं करते हैं और आरोप लगाया कि पार्टी के पास शासन के लिए कोई ‘विजन’ या योजना नहीं है। उन्होंने कहा था कि, ‘‘भाजपा ये अच्छे से जानती है कि उसे दिल्ली के लोगों को सिर्फ लूटना है। अगर उनके पास सरकार चलाने के लिए कोई सक्षम व्यक्ति नहीं है, तो वे लोगों के लिए कैसे काम करेंगे?”
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भाजपा ने बीते पांच फरवरी को हुए विधानसभा चुनाव में 70 में से 48 सीट जीतकर आप को दिल्ली की सत्ता से बाहर कर दिया। आप संयोजक अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत पार्टी के कई शीर्ष नेता भी चुनाव हार गए।
दरअसल हाल ही में संपन्न 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 48 सीट हासिल की, जबकि आप ने 22 सीट ही जीती। बीते पांच फरवरी को मतदान के बाद आठ फरवरी को चुनाव परिणाम घोषित किए गए थे। भाजपा की इस जीत ने राष्ट्रीय राजधानी में आप के एक दशक के शासन को समाप्त कर दिया। साल 2020 के विधानसभा चुनाव में आप ने 70 में से 62 सीट जीती थीं, जबकि भाजपा तब सिर्फ 8 सीट ही जीत पाई थी।
(एजेंसी इनपुट के साथ)