Notice in SIR Process: देश में एसआईआर का तीसरा चरण चल रहा है। मौजूदा समय में राजधानी दिल्ली समेत कुल 16 राज्यों और 3 केन्द्र शासित प्रदेश में एसआईआर की प्रक्रिया लागू है। एसआईआर प्रक्रिया में दस्तावेज अधूरा रहने पर निर्वाचन आयोग के द्वारा मतदाता सूची से नाम कटने को लेकर देशभर में राजनीतिक घमासान जारी है। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता, पूर्व सीएम अरविंद केजरीवील और कपिल सिब्बल समेत कई लोगों को एसआईआर के तहत गणना प्रपत्र में गड़बड़ी पर नोटिस जारी किया गया है।
सीईओ कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी में कहा गया है कि सीएम की एंट्री को सत्यापन कर लिया गया है और उनका नाम उत्तर पश्चिम दिल्ली के शालीमार बाग निर्वाचन क्षेत्र की अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा, जिसे 4 नवंबर को जारी किया जाना है।
नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर ने कहा कि अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों के नाम तथ्यों और दस्तावेजों की जांच के बाद अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए वेरिफाई किया जाएगा। जानकारी मिली है कि दिल्ली बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और बीजेपी के नेता सुधांशु मित्तल को भी नोटिस भेजे गए थे।
दिल्ली में एसआईआर प्रक्रिया के तहत हर वोटर को 30 जून से 17 अगस्त के बीच सत्यापन के दौरान भरे हुए फॉर्म जमा करने थे। उन 33.13 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस भेजे जा रहे हैं जिनके नाम ड्राफ़्ट रोल में तो थे, लेकिन उनके एन्यूमरेशन फॉर्म की जानकारी में कमियां थीं। सीईओ दफ्तर द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, अब तक 31.63 लाख वोटरों को नोटिस मिल चुके हैं। अधिकतर नोटिस 2002 में हुए पिछले स्पेशल इंटेंसिव रिविजन के दौरान छूटे हुए रिकॉर्ड्स के लिए थे।
निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को उम्र से जुड़ी जानकारी में गड़बड़ी के लिए नोटिस दिया गया था तो वहीं नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के वोटर अरविंद केजरीवाल को पिछले एसआईआर के साथ मैपिंग न होने की वजह से नोटिस मिला है। उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, माता-पिता और बेटे को भी इसी वजह से नोटिस भेजे गए हैं।
चुनाव आयोग के एसआईआर प्रक्रिया के तहत केजरीवाल और उनके परिवार को भेजे गए नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भरद्वाज ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए एसाईआर की प्रक्रिया पर सवाल खड़ा किए हैं।
निर्वाचन के अधिकारियों ने बताया कि वरिष्ठ वकिल कपिल सिब्बल और उनकी पत्नी प्रमिला को भी नोटिस भेजा गया है, क्योंकि उनका नाम पिछली SIR (मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण) से मेल नहीं खा रहा था। जिसको लेकर कपिल सिब्बल ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयोग पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संस्थाए खोखली हो चुकी है।
दिल्ली के सीईओ ऑफिस ने कहा कि ये नोटिस एसाईआर के 'दावे और आपत्ति' चरण के तहत भेजे जा रहे हैं, जो 30 सितंबर को खत्म होगा। नोटिस पाने वाले सभी वोटरों की लिस्ट दिल्ली सीईओ ऑफिस ने अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दी है।
SIR जिसे विशेष गहन पुनरीक्षण कहते है। एस प्रक्रिया को चुनाव आयोग मतदाता सूची में सुधार करने (वैध नाम जोड़ने और अवैध नाम को काटने ) के लिए समय-समय पर अपनाता है। देश में पहली बार 1952 में चुनाव आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया को अपनाया गया था।