Nagpur News: महिलाओं की मजबूरी का लिया जा रहा था फायदा, अपार्टमेंट में चल रहे देहव्यापार पर एसएसबी छापा

नागपुर पुलिस के सामाजिक सुरक्षा विभाग (एसएसबी) ने खरबी चौक स्थित एक अपार्टमेंट में छापा मारा और वेश्यावृत्ति के गिरोह का भंडाफोड़ किया। वहां से पीड़िता को एसएसबी की टीम ने छुड़वाया।
अपार्टमेंट में चल रहे देहव्यापार पर एसएसबी छापा
अपार्टमेंट में चल रहे देहव्यापार पर एसएसबी छापा। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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नागपुर: उसका गृहस्थ जीवन चल रहा था पर पति के बगैर... वहीं घर में बुजुर्ग सास के साथ-साथ बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी भी उसके कंधों पर आ गई। वह सिलाई और ब्यूटी पार्लर में काम करती थी। सिलाई का व्यवसाय शुरू करने के लिए पैसों की आवश्यकता थी। वहां कोई सहायता उपलब्ध नहीं थी। दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना भी उसके लिए मुश्किलों भरा था। अंततः, पापी पेट के खातिर 'वह' वेश्यावृत्ति में ढकेल दी गई।

बुधवार शाम को पुलिस के सामाजिक सुरक्षा विभाग (एसएसबी) ने खरबी चौक स्थित एक अपार्टमेंट में छापा मारा और वेश्यावृत्ति के गिरोह का भंडाफोड़ किया। वहां से पीड़िता को एसएसबी की टीम ने छुड़वाया। पुलिस ने उस दंपति को गिरफ्तार कर लिया जो पीड़िता को वेश्यावृत्ति करने के लिए मजबूर कर रहे थे। आरोपी दंपति का नाम खरबी चौक निवासी पूजा उर्फ जानवी भार्गव (32) और गोविंद भार्गव है।

वित्तीय प्रलोभन देकर शोषण

पुलिस के अनुसार, आरोपी दंपति गोविंद और पूजा भार्गव, गरीब परिवारों की महिलाओं और युवतियों को वित्तीय प्रलोभन देकर उनका शोषण करते हैं। उन्होंने विदर्भ की कई महिलाओं और युवतियों को अपने जाल में फंसाया है। वे ग्राहकों की मांग के आधार पर महिलाओं और युवतियों को बुलाते हैं। अपने स्वयं के वित्तीय लाभ के लिए उनसे देह व्यापार कराते हैं। यह जानकारी सामाजिक सुरक्षा टीम की प्रमुख पुलिस इंस्पेक्टर कविता इसरकर को मिली। अपराध जगत से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें…

अपार्टमेंट पर छापा

इसरकर के नेतृत्व वाली टीम ने बुधवार को जाल बिछाया। पंटर को ग्राहक बनाया और उनके पास भेज दिया। जैसे ही उसने चेतावनी दी, उन्होंने अपार्टमेंट पर छापा मार दिया। आरोपी दंपति को एक विवाहित महिला से वेश्यावृत्ति का प्रलोभन देते हुए पाया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 3 मोबाइल फोन, 4,000 रुपये नकद और 1,000 रुपये नकद ऐसे कुल 40 हजार रुपये मूल्य की अन्य सामग्री जब्त की। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी पूजा और गोविंद को वाठोडा पुलिस के हवाले कर दिया गया।

महिलाओं की मजबूरी का लिया जा रहा था फायदा

ऐसी हुई पहचान

पीड़ित महिला की आर्थिक स्थिति बहुत नाजुक है। वह पैसे पाने के लिए अलग-अलग जगहों से श्रमिक कार्ड निकालती है। कार्ड निकालने पर उसे दो सौ रुपये मिलते थे। उस पैसे से उसका दिन भर का गुजारा होता था। पीड़िता जब श्रमिक कार्ड बनवाने गई तो उसकी मुलाकात एक महिला से हुई। उसके माध्यम से पीड़िता का पूजा से संपर्क हुआ। इसके बाद भार्गव दंपति ने पीड़िता को वेश्यावृत्ति के नरक में धकेल दिया।

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