ओडिशा कॉलेज छात्रा की मौत की जांच के लिए SIT का गठन, भाजपा सांसद ने खोल कई राज

Balasore Harassment Case: कॉलेज में आत्मदाह करने वाली छात्रा की मौत के मामले में SIT गठित कर दी गई है, यौन उत्पीड़न के खिलाफ शिकायत पर कोई ठोस कदम न उठाए जाने के उपरांत छात्रा ने खुद को आग लगा ली थी।
ओडिशा कॉलेज छात्रा की मौत की जांच के लिए एसटीआई टीम गठित : पुलिस भुवनेश्वर
ओडिशा कॉलेज छात्रा की मौत की जांच के लिए एसटीआई टीम का गठन (फोटो- सोशल मीडिया)
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Balasore College Student News: ओडिशा पुलिस ने आत्मदाह करने वाली कॉलेज छात्रा की मौत की जांच में तेजी लाने के लिए एक त्वरित सुनवाई पहल (एसटीआई) टीम का गठन किया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। एक शिक्षक के खिलाफ कथित यौन उत्पीड़न की शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई न होने के बाद छात्रा ने यह कदम उठाया था। पुलिस उपमहानिरीक्षक (पूर्वी रेंज) सत्यजीत नाइक ने कहा कि एसटीआई टीम में जांचकर्ता, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और अभियोजक शामिल हैं जो मेडिकल रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य जुटाने और एक मजबूत मुकदमा तैयार करने के लिए फॉरेंसिक विश्लेषण पर काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि एसटीआई टीम मामले की त्वरित और समन्वित जांच सुनिश्चित करेगी। एक अधिकारी ने बताया कि छात्रा द्वारा फकीर मोहन (स्वायत्त) महाविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति को एक जुलाई को लिखे गए पत्र को प्राथमिकी माना जा रहा है। पुलिस ने महाविद्यालय के प्राचार्य दिलीप कुमार घोष को सोमवार को एक छात्रा को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया, जबकि कॉलेज के शिक्षा विभाग के प्रमुख समीर कुमार साहू को शनिवार को उस समय गिरफ्तार किया गया जब छात्रा ने कॉलेज परिसर में खुद को आग लगा ली थी।

संबंधित धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला

प्राचार्य और विभाग प्रमुख के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108/3 (5) (आत्महत्या के लिए उकसाना), 351 (2) (आपराधिक धमकी), 75 (1) (iii) (यौन उत्पीड़न) और धारा 78 और 79 (पीछा करने और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

बालासोर के सांसद प्रताप सारंगी की मामले पर टिप्पणी

इस बीच, बालासोर के सांसद प्रताप सारंगी ने कहा, ‘‘प्राचार्य ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन सही तरीके से नहीं किया। उन्होंने आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) की जांच की न तो निगरानी की और न ही कोई जिम्मेदारी दिखाई। यह घटना जिस भयावह रूप में सामने आई है, उसके लिए प्राचार्य की गंभीर चूक और लापरवाही सीधे तौर पर जिम्मेदार है।'' भाजपा सांसद ने कहा कि छात्रा उनसे मिली थी और उन्होंने उसे पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का सुझाव दिया था। सांसद ने दावा किया, ‘‘प्राचार्य ने छात्रा से कहा था कि यौन उत्पीड़न का उसका आरोप झूठा है, प्राचार्य की इस टिप्पणी के बाद ही छात्रा ने यह कदम उठाया।''

क्या था पूरा मामला

बालासोर के फकीर मोहन (स्वायत्त) कॉलेज की बीएड पाठ्यक्रम की द्वितीय वर्ष की छात्रा ने शिक्षा विभाग के प्रमुख समीर कुमार साहू पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। प्रोफेसर के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से आहत छात्रा ने शनिवार को कॉलेज परिसर में खुद को आग लगा ली थी और वह 95 प्रतिशत तक झुलस गई थी। छात्रा को पहले बालासोर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और फिर बेहतर उपचार के लिए भुवनेश्वर स्थित एम्स भेज दिया गया जहां उसने सोमवार रात दम तोड़ दिया।

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