झारखंड: नक्सलियों की साजिश का शिकार हुई 9 साल की बच्ची, IED विस्फोट में उड़े चीथड़े, गांव में दहशत
Jharkhand Crime News: पश्चिम सिंहभूम में नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी की चपेट में आने से 9 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद सारंडा जंगल क्षेत्र में दहशत फैल गई है।
- Written By: पूजा सिंह
आईईडी विस्फोट में 9 साल की बच्ची की मौत (फाइल फोटो)
9-Year-Old Girl Killed In IED Blast: झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल क्षेत्र में आईईडी विस्फोट से 9 साल की बच्ची की मौत हो गई। यहां नक्सलियों ने आईईडी बिछाया था। इस घटना के बाद से इलाके में दहशत बनी हुई है।
घटना जराईकेला थाना क्षेत्र के दीघा गांव के पास हुई है। मृतका की पहचान सीरिया हेरेंज (9 वर्ष) के रूप में हुई है, जो ग्रामीणों के साथ पत्ते लाने के लिए जंगल में गई थी।
तीसरी कक्षा में पढ़ती थी बच्ची
सीरिया दीघा प्राथमिक विद्यालय में कक्षा तीन में पढ़ती थी। उसने अनजाने में नक्सलियों की ओर से लगाए गए विस्फोटक पर कदम रख दिया, जिसके कारण जोरदार धमाका हुआ। धमाके के बाद घटनास्थल पर धुआं छा गया। धुआं छटने पर ग्रामीणों ने देखा कि सीरिया खून से लथपथ जमीन पर पड़ी है। ग्रामीणों ने सीरिया को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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मौके पर पहुंचे CRPF और पुलिस के आलाधिकारी
जिस जगह यह हादसा हुआ, वहां से सीआरपीएफ का दीघा कैम्प महज 3 किलोमीटर दूर है। सूचना मिलते ही सीआरपीएफ और पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और आसपास आईईडी की तलाश शुरू कर दी।
ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
ग्रामीणों का कहना है कि जंगल में नक्सलियों की ओर से इस तरह आईईडी लगाना सही नहीं है। हम लोग अपने रोजगार के लिए जंगल में जाते हैं। अगर इसी तरह आईईडी लगा रहेगा, तो हम लोगों का रोजगार कैसे चलेगा। आए दिन नक्सलियों की तरफ से ग्रामीणों को परेशान भी किया जाता है, लेकिन हम लोग अपनी आवाज नहीं उठा पाते हैं। सुरक्षाबलों और पुलिस ने इस घटना के बाद इलाके में नक्सल विरोधी अभियान और भी तेज कर दिया है। पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चल रहा है।
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अधिकारियों ने कहा कि नक्सलियों की ओर से जंगल में बिछाए जा रहे ये बम अब न केवल सुरक्षाबलों के लिए, बल्कि निर्दोष ग्रामीणों और जानवरों के लिए भी जानलेवा साबित हो रहे हैं। इस घटना से ग्रामीणों में डर और दहशत है। हम लोगों ने ग्रामीणों को जंगल में नहीं जाने की सलाह दी है, जिससे ये लोग अपने घरों में ही सुरक्षित रह सकें।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
