नागपुर: दोबारा नियुक्ति के नाम पर 30 हजार की रिश्वत, एसीबी ने होमगार्ड अधिकारी किया गिरफ्तार
Nagpur Home Guard Corruption Case: नागपुर में होमगार्ड की दोबारा नियुक्ति की सिफारिश के बदले 30 हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में एसीबी ने परिमंडल अधिकारी को गिरफ्तार किया। मामले की जांच जारी है।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर, होमगार्ड, रिश्वत, प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
Nagpur Anti Corruption Bureau: नागपुर शहर के होमगार्ड विभाग में रिश्वतखोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। होमगार्ड विभाग के परिमंडल अधिकारी ने दोबारा नियुक्ति दिलाने की सिफारिश करने की एवज में 30,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। इस मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी अफसर को गिरफ्तार कर लिया।
उसके खिलाफ लकड़गंज पुलिस थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। पकड़ा गया आरोपी प्रदीप विजय नागपुरे बताया गया। वह होमगार्ड विभाग के परिमंडल-5 में मंडल अधिकारी के पद पर कार्यरत है। एसीबी से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता पिछले 20 वर्षों से विभाग में होमगार्ड के रूप में कार्यरत है।
पहले हटाया, फिर दोबारा सेवा में शामिल
परेड में उपस्थिति कम रहने के कारण उसे सेवा से हटा दिया गया था, वर्ष 2026 में उसे दोबारा होमगार्ड सेवा में शामिल किया गया, आरोप है कि पुनर्नियुक्ति के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से सिफारिश कराने के बदले मंडल अधिकारी नागपुरे ने उससे 30,000 रुपये की रिश्वत मांगी, पीडित ने इस संबंध में एसीबी से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने 26 और 28 मई को रिश्वत मांगने के आरोपों का सत्यापन किया।
सम्बंधित ख़बरें
जैन समुदाय के विकास के लिए 100 करोड़ का फंड, शिक्षा और स्वरोजगार को मिलेगा बड़ा सहारा
पुणे के लिए 4.65 लाख करोड़ की वार्षिक ऋण योजना जारी, MSME को 95,500 करोड़, KCC के लिए 7,300 करोड़ का प्रावधान
भंडारा में स्कूल खुलते ही बढ़ी साइकिलों की मांग, कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी
मुंबई में एफडीए की बड़ी कार्रवाई, 6 होटल-रेस्तरां के लाइसेंस निलंबित, 34.87 लाख का गुटखा-पान मसाला जब्त
रिश्वत मांगने की पुष्टि के बाद एसीबी की कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार
जांच के दौरान यह पुष्टि हुई कि आरोपी ने शिकायतकर्ता से 30,000 रुपये मांगे और राशि स्वीकार करने की सहमति भी जताई। इसके बाद एसपी दिगंबर प्रधान, अतिरिक्त अधीक्षक माधुरी बाविस्कर और विजय माहुलकर के मार्गदर्शन में डीवाईएसपी भारती गुरनुले, इंस्पेक्टर मयूर चौरसिया और उनकी टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। इस बीच नागपुरे को संदेह हो गया और उसने राशि स्वीकार नहीं की।
यह भी पढ़ें:-नागपुर SBL ब्लास्ट: सरेंडर की मियाद खत्म होने के बाद भी फरार हैं संचालक; गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कसी कमर
मांग के सत्यापन के आधार पर एसीबी की टीम ने सोमवार को मामला दर्ज कर आरोपी नागपुरे को गिरफ्तार कर लिया। देर रात तक उसके घर की तलाशी भी ली जा रही थी।
