झारखंड: एंटी करप्शन ब्यूरो का अधिकारी बन करते थे वसूली, पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार

Crime news: हजारीबाग पुलिस ने खुद को एंटी करप्शन एंड क्राइम ब्यूरो का अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी लाइसेंस जांच के बहाने अवैध वसूली करते थे।
झारखंड: एंटी करप्शन ब्यूरो का अधिकारी बन करते थे वसूली, पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार
चार फर्जी अधिकारी गिरफ्तार (सौजन्य सोशल मीडिया)
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Hazaribag Police Action: फर्जी अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने वाले चार आरोपियों को झारखंड के हजारीबाग पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि आरोपी खुद को एंटी करप्शन एंड क्राइम ब्यूरो का अधिकारी बताकर अवैध वसूली करते थे। आरोपी मेडिकल स्टोर चलाने वालों से फर्जी छापेमारी के नाम पर पैसे ऐंठते थे।

हजारीबाग के एडिशनल एसपी अमित आनंद ने बताया कि यह मामला कटकमसांडी थाना क्षेत्र के डांटो खुर्द गांव का है, जहां 9 सितंबर शाम एक सफेद स्कॉर्पियो (नंबर JH02AJ-7476) में सवार चार व्यक्तियों ने दो मेडिकल स्टोर पर खुद को क्राइम ब्यूरो का अधिकारी बताकर वसूली कर रहे थे।

मेडिकल स्टोर संचालकों से करते अवध वसूली

एडिशनल एसपी अमित आनंद ने बताया कि, आरोपियों ने लाइसेंस जांच के बहाने दो स्टोर मालिकों से 10000-10000 हजार रुपए की वसूली की। ये लोगों को भ्रमित करने के लिए फॉर्मल कपड़े पहने हुए थे और गले में नकली आईडी कार्ड लटका रखे थे। साथ ही पुलिस के लाल जूते भी पहना करते थे। यहां तक कि उनकी गाड़ी पर भी 'एंटी करप्शन ब्यूरो' का बोर्ड लगा हुआ था।

ग्रामीणों ने पुलिस को दी सूचना

ग्रामीणों को इन पर शक हुआ और उन्होंने तुरंत वाहन को रोककर कटकमसांडी पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी मनोज कुजूर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने जब इनसे पूछताछ की तो ये सही से जवाब नहीं दे पाए और जांच के बाद चारों फर्जी अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया।

चार आरोपी गिरफ्तार

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नंदुवीर राम, महेश कुमार पासवान, अयोध्या नारायण पासवान और धनेश्वर राम के रूप में हुई है। इनके बारे में पता लगाया जा रहा है, ये कब से इस तरह का काम करते थे और इसका मास्टरमाइंड कौन है। पुलिस ने उनके पास से एक सफेद कलर की स्कॉर्पियो, फर्जी बोर्ड, चार नकली आईडी कार्ड, चार जोड़ी पुलिस के जूते, एक मुहर और 2,500 रुपए नकद बरामद किए हैं। पूछताछ के दौरान, चारों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

जांच में जुटी पुलिस

एडिशनल एसपी अमित आनंद ने बताया कि इन्होंने अपने आईडी कार्ड में एक बारकोड भी लगाया हुआ था, जिससे लोगों को कोई शक न हो। बारकोड की जांच करने पर बारकोड फर्जी निकला। इस गिरोह में कितने लोग शामिल हैं और कहां-कहां हैं, इसकी जांच की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)