Coal Smuggling: ED का बड़ा एक्शन, आसनसोल से भ्रष्ट ADPC अधिकारी मनोरंजन मंडल गिरफ्तार
Coal Smuggling Case: आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की स्पेशल ब्रांच में तैनात एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को कथित भ्रष्टाचार और अवैध सिंडिकेट से संबंधों के भारी आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
- Written By: प्रिया सिंह
अवैध कोयला सिंडिकेट और मनी लॉन्ड्रिंग मामले का आरोपी ADPC अधिकारी मनोरंजन मंडल (सोर्स-सोशल मीडिया)
Coal Smuggling Case Investigation: पश्चिम बंगाल के आसनसोल में जांच एजेंसियों ने एक बहुत बड़ी कार्रवाई करते हुए पूरे पुलिस महकमे में भारी हड़कंप मचा दिया है। आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट यानी एडीपीसी की स्पेशल ब्रांच में वर्तमान में तैनात पुलिस अधिकारी मनोरंजन मंडल को जांच के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है।
उन पर कथित रूप से अवैध कोयला सिंडिकेट चलाने, भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल होने और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे कई बेहद ही गंभीर आरोप काफी लंबे समय से लगे हुए थे। यह बड़ी गिरफ्तारी पुलिस विभाग के भीतर चल रहे भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के एक बहुत बड़े नेटवर्क को पूरी तरह से उजागर करने का काम कर सकती है।
प्रवर्तन निदेशालय यानी ED काफी लंबे समय से इस बड़े मामले में अधिकारी की संदिग्ध गतिविधियों और भारी वित्तीय लेन-देन की बहुत ही गहन जांच कर रही थी। जांच एजेंसियों ने इससे पहले भी इस दागी अधिकारी के आवास और अन्य कई संदिग्ध ठिकानों पर अचानक से कई बड़ी छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया था।
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इस पूरी सघन जांच के दौरान उनके अवैध बालू सिंडिकेट से जुड़े होने और बड़े पैमाने पर पैसों के संदिग्ध लेन-देन के कई पुख्ता सुराग मिले थे। जांच एजेंसियां अब बड़ी ही बारीकी से इस बात का पता लगा रही हैं कि इस पूरे भ्रष्ट नेटवर्क में और कौन-कौन से बड़े अधिकारी या सफेदपोश नेता पूरी तरह शामिल हैं।
बार-बार नोटिस भेजने पर भी नहीं हुए पेश
इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामले में जांच एजेंसियों ने आरोपी पुलिस अधिकारी मनोरंजन मंडल को पिछले कई महीनों से बार-बार पूछताछ के लिए आधिकारिक नोटिस भेजे थे। इसके बावजूद वह लगातार किसी भी कानूनी नोटिस का सही जवाब नहीं दे रहे थे और जानबूझकर जांच प्रक्रिया में बिल्कुल भी उपस्थित नहीं हो रहे थे।
अधिकारी का यह अड़ियल रवैया और असहयोग देखकर ED तथा अन्य जांच एजेंसियों ने उनके खिलाफ अत्यंत कड़े कानूनी कदम उठाने का यह बहुत बड़ा फैसला लिया। इसके बाद ही उनकी त्वरित गिरफ्तारी की गई जिससे स्थानीय प्रशासनिक हलकों और पूरे पुलिस महकमे में बहुत ज्यादा हलचल, चिंता और भारी डर का माहौल बन गया है।
TMC नेता के जन्मदिन पर हुआ था भारी विवाद
गिरफ्तार किए गए पुलिस अधिकारी मनोरंजन मंडल का विवादों और अनुशासनहीनता से बहुत ही पुराना तथा गहरा नाता रहा है जो अब सबके सामने आ चुका है। इससे पहले वह एक पुलिस थाने के अंदर ही कथित तौर पर एक स्थानीय टीएमसी नेता का जन्मदिन धूमधाम से मनाने को लेकर भारी चर्चा में आए थे।
इस गंभीर अनुशासनहीनता और सार्वजनिक विवाद के बाद पुलिस विभाग ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें तुरंत प्रभाव से लंबे समय के लिए निलंबित कर दिया था। हालांकि बाद में उन्हें बहाल करके फिर से महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन उनकी पूरी कार्यशैली हमेशा ही जांच एजेंसियों के गहरे शक के दायरे में बनी रही।
बैंक खातों और संपत्तियों की हो रही गहन जांच
अधिकारी की इस बहुचर्चित गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियां उनके सभी बैंक खातों, लॉकर और पुरानी बेनामी संपत्तियों की बहुत ही बारीकी से गहन जांच कर रही हैं। इसके साथ ही उनके निजी फोन की विस्तृत कॉल डिटेल भी गहराई से खंगाली जा रही है ताकि सिंडिकेट से जुड़े अन्य सभी लोगों तक आसानी से पहुंचा जा सके।
सूत्रों का स्पष्ट रूप से कहना है कि आने वाले कुछ ही दिनों में इस बड़े मामले में कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और सफेदपोश नेताओं के नाम भी जरूर सामने आ सकते हैं। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच बहुत ही तेजी से चल रही है और एजेंसियां पूरे भ्रष्ट नेटवर्क की सभी अहम कड़ियों को जोड़ने के महत्वपूर्ण काम में दिन-रात जुटी हुई हैं।
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पहले भी कई महत्वपूर्ण पुलिस पदों पर रहे तैनात
गिरफ्तार अधिकारी मनोरंजन मंडल को एडीपीसी की अहम स्पेशल ब्रांच में नियुक्त किए जाने से पहले कई अन्य संवेदनशील थानों की बहुत ही अहम जिम्मेदारी मुख्य रूप से सौंपी गई थी। वह आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के विभिन्न बड़े थानों में कई महत्वपूर्ण और अत्यंत संवेदनशील पदों पर काफी लंबे समय तक मुख्य अधिकारी के रूप में तैनात रह चुके हैं।
अपने इसी भारी रसूख और बड़े पद का अनुचित फायदा उठाते हुए ही कथित तौर पर यह पूरा अवैध कोयला और बालू तस्करी का सिंडिकेट बेखौफ चलाया जा रहा था। अब ED और पुलिस की इस संयुक्त बड़ी कार्रवाई से पूरे इलाके के अवैध कारोबारियों, तस्करों और भ्रष्ट अधिकारियों में बहुत ज्यादा खौफ और भारी दहशत का माहौल पैदा हो गया है।
