मां-बहन और भांजे का काटा गला, खुद भी की जान देने की कोशिश, बेंगलुरु में रूह कंपा देने वाली वारदात
Bengaluru के अत्तिबेले में कर्ज से परेशान मोहन गौड़ा ने अपनी मां और बहन की हत्या कर भांजे पर हमला किया और खुदकुशी की कोशिश की। वारदात से पहले परिवार ने एक वीडियो संदेश भी रिकॉर्ड किया था।
- Written By: अर्पित शुक्ला
मां-बहन और भांजे का काटा गला, खुद भी की जान देने की कोशिश (Image- Social Media)
Karnataka Crime News: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां आर्थिक तंगी और बढ़ते कर्ज से परेशान एक शख्स ने अपने ही परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हृदयविदारक घटना में आरोपी की मां और बहन की मौत हो गई है, जबकि उसका 11 वर्षीय भांजा और वह खुद गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं।
यह मामला बेंगलुरु के बाहरी इलाके अत्तिबेले (मल्लेनाहल्ली) का है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, 32 वर्षीय मोहन गौड़ा ने कथित तौर पर अपनी मां आशा (55), बहन वर्षिता (34) और भांजे मयंक (11) का गला रेत दिया। इसके बाद उसने स्वयं का गला काटकर आत्महत्या करने का प्रयास किया।
वीडियो संदेश से हुआ खुलासा
वारदात को अंजाम देने से पहले परिवार ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उन्होंने भारी कर्ज के कारण पैदा हुए मानसिक और आर्थिक दबाव का जिक्र किया था। यह वीडियो रिश्तेदारों को भेजा गया था। वीडियो देखते ही परिजन आनन-फानन में घर पहुंचे, जहां मुख्य दरवाजा अंदर से बंद मिलने पर वे पीछे के रास्ते से दाखिल हुए। सूचना मिलने पर पुलिस ने सभी को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक आशा और वर्षिता दम तोड़ चुकी थीं।
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क्यों उठाया यह खौफनाक कदम?
बेंगलुरु ग्रामीण के एसपी चंद्रकांत एमवी के मुताबिक, शुरुआती जांच में भारी वित्तीय घाटा मुख्य वजह नजर आ रही है। मोहन चिट फंड के व्यवसाय से जुड़ा था, जिसमें लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक का लेन-देन शामिल था। वह त्योहारों के दौरान मांस और पटाखों के लिए विशेष चिट योजनाएं चलाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि मोहन की खर्चीली जीवनशैली के कारण कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता गया, जिसे चुकाने में वह असमर्थ था।
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इससे पहले बेंगलुरु में ही कॉन्फिडेंट ग्रुप के चेयरमैन चिरियनकांडथ जोसेफ (सीजे) रॉय ने जनवरी में सेंट्रल बेंगलुरु के रिचमंड सर्कल के पास कंपनी के ऑफिस में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। रॉय एक प्रमुख रियल एस्टेट टायकून थे, पुलिस ने बताया कि घटना के समय पिछले तीन दिनों से इनकम टैक्स (IT) विभाग की टीम कंपनी के दफ्तर में तलाशी और पूछताछ कर रही थी। रॉय की सुसाइड की खबर मिलते ही आयकर अधिकारी छापेमारी की प्रक्रिया बीच में छोड़कर मौके से चले गए।
