बाबा सिद्दीकी (सौ. सोशल मीडिया)
मुबंई: एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की शनिवार रात हत्या कर दी गई। बाबा सिद्दीकी पर अज्ञात बंदूकधारियों ने हमला कर दिया। अभी तक दो शूटरों को हिरासत में लिया गया है और तीसरा मौके से भाग गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से मैगजीन भी बरामद की और हत्या के कारणों का पता लगाने के लिए जांच अभी भी जारी है।
कैसे हुई वारदात?
बाबा सिद्दीकी करीब 9.15 बजे ऑफिस से निकले थे। बताया जा रहा है कि फायरिंग के वक्त बाबा सिद्दीकी अपने ऑफिस के पास पटाखे फोड़ रहे थे। पटाखे फोड़ते वक्त अचानक कार से तीन लोग उतरे, तीनों ने मुंह पर रुमाल बांधा हुआ था। इसके बाद उन्होंने बाबा सिद्दीकी पर तीन राउंड फायरिंग की। गोली लगने से बाबा सिद्दीकी गिर पड़े। इसके बाद लोगों ने उन्हें तुरंत लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
#WATCH | Maharashtra: Outside visuals from NCP leader Baba Siddique’s residence in Mumbai. He was shot near Nirmal Nagar in Bandra and later succumbed to bullet injuries at Lilavati Hospital. His body has been shifted to Cooper Hospital for post-mortem pic.twitter.com/MZ8vhq4Xmv — ANI (@ANI) October 13, 2024
एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी ने महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था पर खड़े किए सवाल
एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। ओवैसी ने कहा कि बाबा सिद्दीकी की हत्या बेहद निंदनीय है। यह महाराष्ट्र में कानून और व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों के साथ हैं।
पटाखों के बीच हुई फायरिंग
जानकारी के मुताबिक पटाखों के शोर के बीच उन पर फायरिंग हुई। पुलिस की ओर से अभी तक दो आरोपियों को काबू किया गया है। इसके अलावा पुलिस की ओर से सुपारी किलिंग के एंगल पर भी जांच की जा रही है। सिद्दीकी की हत्या पर सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाएं है।
पहले कांग्रेस पार्टी में रह चुके है सिद्दीकी
आपको बता दें कि बाबा सिद्दीकी पहले कांग्रेस पार्टी में भी रह चुके हैं। बाद में वे एनसीपी अजित पवार गुट में शामिल हो गए थे। बाबा सिद्दीकी कांग्रेस में तीन बार विधायक भी रह चुके हैं। इसके अलावा वे मंत्री भी रह चुके हैं। हाल ही में लोकसभा चुनाव से पहले वे एनसीपी अजित पवार गुट में शामिल हुए थे।