ओडिशा में एक और आत्मदाह, प्रेमी की ब्लैकमेलिंग से तंग थी छात्रा; 25 दिनों में तीसरी घटना

Odisha के केंद्रपाड़ा जिले में एक और छात्रा ने प्रेमी द्वारा ब्लैकमेल किए जाने से परेशान होकर अपने घर में आत्मदाह कर लिया। 12 जुलाई के बाद से ओडिशा में आग में जलकर मरने की यह तीसरी घटना है।
ओडिशा में प्रेमी की ब्लैकमेलिंग से तंग आकर छात्रा ने किया आत्मदाह, 25 दिनों में तीसरी दिल दहला देने वाली घटना
ओडिशा में एक और कॉलेज छात्रा का आत्मदाह (कांसेप्ट फोटो)
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Odisha Girl Blackmail Case: ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले से एक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक 20 वर्षीय कॉलेज छात्रा ने कथित तौर पर अपने प्रेमी द्वारा ब्लैकमेल किए जाने से तंग आकर खुद को आग लगा ली। छात्रा ने अपने घर में आत्मदाह किया, इस घटना के बाद से आस-पास के इलाके में एक बार फिर सनसनी फैल गई है। यह घटना राज्य में युवतियों की आत्महत्याओं की बढ़ती श्रृंखला का हिस्सा बन गई है, जो गंभीर सामाजिक और कानूनी सवाल खड़े कर रही है।

यह दर्दनाक घटना पट्टामुंडई थाना क्षेत्र के काठियापाड़ा गांव की है। मृतका के पिता के अनुसार, छात्रा एक युवक के साथ रिश्ते में थी और वह उसे ब्लैकमेल कर रहा था। उन्होंने बताया कि छह महीने पहले पुलिस में शिकायत भी की गई थी, लेकिन पुलिस ने इसे नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने कहा, "मेरी बेटी को पुलिस ने सिर्फ उसका नंबर ब्लॉक करने की सलाह दी थी।" अब पुलिस की यह लापरवाही सवालों के घेरे में है।

पुलिस का गैराजिम्मेदारा रवैया भी मौत की एक वजह

20 वर्षीय छात्रा जब घर में अकेली थी, तब उसने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली। उसके पिता ने बताया कि वह पिछले कुछ महीनों से तनाव में थी और आरोपी युवक द्वारा लगातार ब्लैकमेल की जा रही थी। उन्होंने बताया कि शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने कोई गंभीर कार्रवाई नहीं की। केंद्रपाड़ा के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ कटारिया ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और कहा, "मैंने शव को देखा है और परिजनों से बात की है। मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी।"

25 दिनों में तीसरी घटना, ओडिशा में बढ़ती आत्महत्याओं से उठे सवाल

ओडिशा में यह घटना अकेली नहीं है। 12 जुलाई को बालासोर स्थित एफएम कॉलेज की 20 वर्षीय छात्रा ने कॉलेज परिसर में आत्मदाह कर लिया था, जिसकी मौत 14 जुलाई को एम्स भुवनेश्वर में हुई। वहीं, 2 अगस्त को पुरी जिले के बलंगा इलाके में 15 वर्षीय किशोरी की भी जलकर मौत हुई थी। इन तीनों मामलों में एक समानता है एक तो इन तीनों ही मामलों में लड़कियों ही निशाने पर रही है दूसरा सामाजिक रवैया और प्रशासन की सुस्त प्रतिक्रियाएं। यह घटनाएं बताती हैं कि महिलाओं की सुरक्षा, साइबर अपराध और ब्लैकमेलिंग जैसे मामलों को गंभीरता से लेने की जरूरत है। यदि पहले ही कार्रवाई होती, तो शायद इस बेटी की जान का बचाया जा सकता था।

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