महामाया मंदिर। इमेज-सोशल मीडिया
Interesting Hindu Temple: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रतनपुर स्थित मां महामाया देवी मंदिर इन दिनों देशभर में चर्चा में है। हाल में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस मंदिर के कायाकल्प करने की घोषणा की है। साथ ही विशेषता और पौराणिक मान्यताओं का भी जिक्र किया।
दरअसल, इस मंदिर में विराजमान भैरव बाबा की मूर्ति का आकार हर साल अपने आप बढ़ता है। यह मंदिर न सिर्फ प्राचीन कलचुरी राजवंश की राजधानी रहा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी धार्मिक पहचान भी है।
यह पवित्र स्थान 51 शक्ति पीठों में से एक है। इसे कौमारी शक्तिपीठ के नाम से भी जाना जाता है। यहां देवी महामाया की पूजा कोसलेश्वरी देवी यानी दक्षिण कोसल की अधिष्ठात्री देवी के रूप में की जाती है। मान्यता है कि भगवान शिव जब देवी सती के शरीर को लेकर तांडव करते हुए भटक रहे थे। तब भगवान विष्णु ने उनको वियोग मुक्त करने को सुदर्शन चक्र से देवी सती के शरीर के टुकड़े किए थे। मां सती के अंग जहां-जहां गिरे वहीं शक्तिपीठ स्थापित हुए। मंदिर का निर्माण कलचुरी राजा रत्नदेव प्रथम ने 1050 ई. में कराया था। इसकी वास्तुकला 12वीं से 13वीं शताब्दी की अद्भुत कला को दिखाती है। पूर्व में मंदिर मूल रूप से महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती को समर्पित था। वर्तमान में महालक्ष्मी और महासरस्वती की पूजा होती है। इस परिसर में भगवान शिव और हनुमान के प्राचीन मंदिर हैं।
यहां के श्रद्धालुओं के लिए खास नियम है। वे मां महामाया के दर्शन से पहले भैरव बाबा मंदिर में दर्शन करते हैं। लोगों में विश्वास है कि भैरव बाबा की यह प्राचीन प्रतिमा की ऊंचाई हर साल अपने आप बढ़ती जा रही है, जो इसे रहस्य और आस्था का केंद्र बनाती है। नवरात्रों के दौरान यहां विशेष उत्सव होता है। भक्त नौ दिनों तक उपवास रखते हैं। अपनी इच्छाएं पूरी करने के लिए अखंड मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित करते हैं, क्योंकि यहां की मान्यता है कि सच्चे मन से माँगी गई प्रार्थना कभी खाली नहीं जाती। रतनपुर का यह पवित्र धाम आस्था, संस्कृति और गौरव का अनूठा संगम है।
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आप इस शक्तिपीठ के दर्शन के लिए जाना चाहते हैं, तो यहां पहुंचना आसान है। आप हवाई जहाज से आ रहे तो रतनपुर से सबसे नजदीकी एयरपोर्ट रायपुर एयरपोर्ट है, जो यहां से 156 किलोमीटर दूर है। एयरपोर्ट से उतरने के बाद टैक्सी या कैब लेकर सीधे मंदिर तक पहुंच सकते हैं। यह रास्ता आरामदायक है। वहीं, रतनपुर का सबसे नजदीकी और प्रमुख रेलवे स्टेशन बिलासपुर जंक्शन है, जो यहां से 33 किलोमीटर दूर है। बिलासपुर जंक्शन पहुंचने के बाद मंदिर तक जाने के लिए नियमित रूप से टैक्सी और बस आसानी से मिल जाएंगी। सड़क मार्ग से भी रतनपुर की कनेक्टिविटी अच्छी है। छत्तीसगढ़ के बड़े शहरों से रतनपुर के लिए राज्य परिवहन बसें और निजी वाहन (टैक्सी) सेवाएं हर समय उपलब्ध हैं। सड़क का सफर आरामदायक है।