गोबरा नवापारा में सफाई कर्मचारियों का अल्टीमेटम, 24 घंटे में वेतन नहीं तो 6 नवंबर से काम बंद!

Gobara Nawapara Sweeper Salary Issue: गोबरा नवापारा नगरपालिका के सफाई कर्मचारी अपने ही वेतन के लिए अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हो गए हैं। आज ज्ञापन सौंपकर 24 घंटे में वेतन की मांग की है।
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सफाई कर्मचारियों का अल्टीमेटम(सोर्स - नवभारत लाइव)
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Highlights

  • दीपावली के ठीक पहले नगरपालिका की सफाई व्यवस्था पर संकट।

  • अक्टूबर का वेतन अटका तो सड़कों पर उतरेंगे कर्मचारी।

  • सफाई कर्मचारियों को दो माह से नहीं मिला वेतन।

Gobara Nawapara Nagar Palika Sweeper Salary Issue: दिपावली के त्योहार पर जहां हर घर में खुशियों की तैयारी चल रही है, वहीं गोबरा नवापारा नगर पालिका के सफाई कर्मचारी अपने ही वेतन के लिए अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। दो माह का वेतन मांगने पर केवल सितंबर का भुगतान किया गया, जबकि अक्टूबर का वेतन अब भी लंबित है। इससे नाराज कर्मचारियों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि 6 नवंबर से वे काम बंद आंदोलन शुरू करेंगे।

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प्रशासन के रवैये पर नाराजगी

महासंघ के सफाई प्रकोष्ठ अध्यक्ष संतोष रानेनी ने 5 नवंबर को सौंपे पत्र में प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि कर्मचारियों ने सितंबर और अक्टूबर दोनों माह का वेतन एक साथ देने की मांग की थी, लेकिन केवल सितंबर माह का भुगतान कर शेष अक्टूबर का वेतन रोक दिया गया। दीपावली जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर वेतन लंबित रखना कर्मचारियों की आर्थिक परेशानियों को नजरअंदाज करने जैसा है।

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6 नवंबर से काम बंद आंदोलन की चेतावनी

पत्र में साफ कहा गया है कि अक्टूबर माह का बकाया वेतन तत्काल जारी किया जाए, अन्यथा 24 घंटे की समयसीमा समाप्त होने के बाद 6 नवंबर से काम बंद आंदोलन किया जाएगा। महासंघ ने आंदोलन से उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की पूरी जिम्मेदारी नगरपालिका प्रशासन की तय की है। इस चेतावनी की प्रतिलिपि अनुविभागीय अधिकारी अभनपुर, स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष, तहसीलदार, थाना प्रभारी और नगरपालिका अध्यक्ष को भी भेजी गई है।

सफाई व्यवस्था पर मंडराया संकट

नगर की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले कर्मचारियों के आंदोलन पर जाने से शहर की स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। दीपावली के समय बाजारों और प्रमुख मार्गों पर सफाई की जरूरत पहले से अधिक रहती है। ऐसे में वेतन भुगतान को लेकर पैदा हुआ विवाद अब नगरपालिका प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। सवाल यह है कि जब त्योहार के समय कर्मचारियों को उनका मेहनताना ही नहीं मिल रहा, तो वे अपने परिवार की दीपावली कैसे मनाएं।