

छत्तीसगढ़ की कला प्रतिभाओं ने राष्ट्रीय मंच पर लहराया परचम।
केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने दो कलाकारों को किया सम्मानित।
जशपुर के डॉ. आनन्द पाण्डेय और सारंगढ़ के घनश्याम साहू को मिला पुरस्कार
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दोनों कलाकारों को दी बधाई।
Chhattisgarh Two Artists Ustad Bismillah Khan Award: छत्तीसगढ़ की कला और रंगमंच को राष्ट्रीय पहचान मिली है। जशपुर के रंगकर्मी डॉ. आनंद पांडेय और सारंगढ़ के नाट्य लेखक एवं पटकथा लेखक घनश्याम साहू को प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। दोनों कलाकारों को 19 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित रविंद्र भवन के मेघदूत थिएटर परिसर में आयोजित समारोह में सम्मान प्रदान किया गया। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उन्हें सम्मानित किया।
जशपुर के डॉ. आनंद पांडेय को रंगमंच और अभिनय के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए यह राष्ट्रीय सम्मान मिला है। सुदूर आदिवासी अंचल में रंगमंच की गतिविधियों को आगे बढ़ाने और अपनी अभिनय प्रतिभा से विशिष्ट पहचान बनाने वाले डॉ. पांडेय की यह उपलब्धि प्रदेश के रंगकर्मियों के लिए प्रेरणादायक है। उनका सम्मान इस बात का प्रमाण है कि छोटे शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकती हैं।
सारंगढ़ के घनश्याम साहू को विशिष्ट नाट्य लेखन और छत्तीसगढ़ी फिल्मों में प्रभावशाली पटकथा लेखन के लिए सम्मानित किया गया है। उनके लेखन ने छत्तीसगढ़ी भाषा और सिनेमा की रचनात्मक क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। यह सम्मान प्रदेश के साहित्यकारों, नाटककारों और फिल्म लेखकों के लिए भी उत्साह बढ़ाने वाला है।
छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दोनों कलाकारों को इस उपलब्धि पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के वनांचलों और छोटे कस्बों से निकलकर कलाकारों का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है। उनकी उपलब्धि नई पीढ़ी को कला, संस्कृति और सृजन के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
दोनों कलाकारों को मिला यह सम्मान छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, रंगमंचीय परंपरा और छत्तीसगढ़ी सिनेमा की रचनात्मक ताकत को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।