

2004 में विज्ञापित हुए थे ST के दो पद
2024 में बैकलॉग निरंक दिखाने पर उठे सवाल।
पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर ने मांगी रोस्टर की उच्चस्तरीय जांच।
एक साल तक मामले का नहीं हो सका निराकण।
Former Minister Nankiram Kanwar Later: छत्तीसगढ़ के सबसे पुराने विश्वविद्यालयों में शामिल पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय की मानवविज्ञान अध्ययनशाला में आरक्षण व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पूर्व गृहमंत्री एवं पूर्व विधायक ननकी राम कंवर ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि विभाग के संचालन की शुरुआत वर्ष 1964 से अब तक अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के किसी शिक्षक की नियुक्ति नहीं हुई। यदि यह आरोप दस्तावेजों की जांच में सही पाया जाता है। तो यह केवल भर्ती में अनियमितता का मामला नहीं बल्कि वर्षों से आरक्षण रोस्टर के पालन पर बड़ा सवाल होगा।
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय की मानवविज्ञान अध्ययनशाला में आरक्षण रोस्टर को लेकर उठे सवालों ने भर्ती प्रक्रिया के दस्तावेजों की जांच की जरूरत सामने रखी है। पूर्व गृहमंत्री एवं पूर्व विधायक ननकी राम कंवर ने पत्र में वर्ष 2004 में विज्ञापित दो आरक्षित पदों और वर्ष 2024 के विज्ञापन में बैकलॉग पदों की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल दर्ज किए गए हैं।
कंवर के पत्र के मुताबिक विश्वविद्यालय ने विज्ञापन क्रमांक 98/Gen.Adm/2004 दिनांक 8 जनवरी 2004 और विज्ञापन क्रमांक 1634/Gen.Adm/2004 दिनांक 8 जून 2004 के माध्यम से मानवविज्ञान अध्ययनशाला में ST वर्ग के सहायक प्राध्यापक के एक-एक पद विज्ञापित किए थे। पत्र में दावा किया गया है कि इन पदों पर नियुक्ति नहीं हुई।
इसके बावजूद पत्र के अनुसार 3 अक्टूबर 2024 को जारी विज्ञापन क्रमांक 2895/Estb./Gen.Adm./2024 के बिंदु क्रमांक 16 में मानवविज्ञान अध्ययनशाला के ST बैकलॉग पदों की संख्या निरंक दर्शाई गई। वहीं 13 दिसंबर 2024 के विज्ञापन क्रमांक 3650/Estb./Gen.Adm./2024 में सहायक प्राध्यापक के तीन पदों में एक ST, एक SC और एक अनारक्षित वर्ग के लिए निर्धारित किया गया।
ननकी राम कंवर ने अपने पत्र में विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापकों के आरक्षण रोस्टर पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार उपलब्ध रोस्टर में प्रविष्टियां बिंदु क्रमांक 6 तक दर्ज थीं जबकि कुछ पूर्व नियुक्तियों का विवरण रोस्टर में शामिल नहीं होने की शिकायत की गई। पत्र में दावा है कि सभी नियुक्तियां दर्ज होतीं तो रोस्टर बिंदु क्रमांक 12 तक पहुंचता और बिंदु क्रमांक 1 तथा 7 पर ST बैकलॉग की स्थिति सामने आती। कंवर ने विज्ञापित पदों, नियुक्ति आदेशों और संधारित रोस्टर की उच्चस्तरीय जांच कराकर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।