रायपुर के पूर्व महापौर एजाज ढेबर को जान से मारने की धमकी, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से 50 करोड़ की मांग

Aijaz Dhebar Death Threat: पूर्व महापौर एजाज ढेबर को विदेशी नंबर से जान से मारने की धमकी मिली है। फोन करने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई और अमन साव गैंग से जुड़ा बताकर 50 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी।
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रायपुर के पूर्व महापौर एजाज ढेबर और लॉरेंस बिश्नोई(सोर्स- AI जेनरेटेड इमेज)
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Aijaz Dhebar Death Threat: रायपुर के पूर्व महापौर एजाज ढेबर को विदेशी नंबर से जान से मारने की धमकी मिली है। फोन करने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई और अमन साव गैंग से जुड़ा बताकर 50 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है।

रायपुर के पूर्व महापौर एजाज ढेबर को रंगदारी की कॉल आई है। उनसे 50 करोड़ रुपए मांगे गए हैं। कॉल करने वाले ने ढेबर को जान से मारने की धमकी भी दी है। यह कॉल एक विदेशी नंबर से आई थी। ढेबर को तीन-चार दिनों से लगातार ऐसे फोन आ रहे थे।

बिश्नोई और अमन साव गैंग का नाम

धमकी देने वाले ने अपना नाता कुख्यात अपराधियों से बताया है। उसने खुद को लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) और अमन साव (Aman Sahu) गैंग से जुड़ा बताया है। लगातार आ रही धमकियों के बाद ढेबर ने कदम उठाया। उन्होंने शनिवार देर रात कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत मिलते ही मामला दर्ज कर लिया।

मामले की जांच में जुटी पुलिस

रायपुर पुलिस अब इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। पुलिस उस विदेशी नंबर की तकनीकी जांच में लगी है। कॉल कहां से आया, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। अमन साव का पुराना रायपुर कनेक्शन भी जांच के दायरे में है।

अमन साव जब रायपुर जेल में बंद था, तब अनवर ढेबर भी वहीं बंद थे। अनवर ढेबर, एजाज ढेबर के भाई हैं। वे शराब घोटाले के मामले में जेल में थे।

कोतवाली पुलिस ने दर्ज किया मामला

इसके बाद में अमन साव को झारखंड ले जाया जा रहा था। उसी दौरान पुलिस मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई थी। अब पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। फिलहाल अधिकारिक तौर पर कॉल करने वाले की पहचान नहीं हो सकी है।

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मध्य जोन के कोतवाली थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने धमकी को गंभीरता से लेते हुए मामले की विवेचना शुरू कर दी है।

लॉरेंस गैंग या डराने की कोशिश?

अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है क्या धमकी देने वाला वास्तव में किसी गैंग से जुड़ा है, या फिर गैंग का नाम लेकर सिर्फ डराने और वसूली की कोशिश की गई। विदेशी नंबर की तकनीकी जांच की जा रही है। साइबर टीम कॉल से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रही ह।

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