छत्तीसगढ़ में ED का बड़ा एक्शन: भारतमाला प्रोजेक्ट जमीन घोटाले में रायपुर और महासमुंद में छापेमारी
Bharatmala Project: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ के रायपुर और महासमुंद में भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत भूमि अधिग्रहण मुआवजे में हुई कथित धांधली को लेकर नौ ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
भारतमाला प्रोजेक्ट, फोटो- सोशल मीडिया
Bharatmala Project Land Scam: छत्तीसगढ़ में सोमवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतमाला परियोजना में भूमि अधिग्रहण मुआवजे से जुड़ी अनियमितताओं की जांच तेज कर दी है।। रायपुर और विशाखापत्तनम के बीच बनने वाले आर्थिक गलियारे के लिए आवंटित राशि में कथित घोटाले को लेकर अधिकारियों और कारोबारियों के ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है।
सोमवार, 29 दिसंबर 2025 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमों ने छत्तीसगढ़ के रायपुर और महासमुंद जिलों में एक साथ दबिश दी। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, राज्य की राजधानी और महासमुंद में कम से कम नौ अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। यह कार्रवाई रायपुर-विशाखापत्तनम आर्थिक गलियारे के लिए जमीन अधिग्रहण के दौरान मुआवजे के भुगतान में हुए कथित भ्रष्टाचार के सिलसिले में की गई है।
जांच के घेरे में अधिकारी और बड़े कारोबारी
ईडी की इस कार्रवाई में मुख्य रूप से हरमीत सिंह खनूजा, उनके कथित सहयोगियों और कुछ प्रमुख सरकारी अधिकारियों को निशाना बनाया गया है। कई जमीन मालिक भी जांच एजेंसी के रडार पर हैं, जिन पर मुआवजे की राशि में धांधली करने का आरोप है। एजेंसी इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के बदले दिए गए सरकारी पैसे का दुरुपयोग कैसे और किन प्रभावशाली लोगों के माध्यम से किया गया।
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क्या है भारतमाला प्रोजेक्ट और विवाद की जड़?
भारतमाला परियोजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका लक्ष्य देश भर में लगभग 26,000 किलोमीटर के आर्थिक गलियारों का विकास करना है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से देश के प्रमुख व्यापारिक मार्गों, जैसे गोल्डन क्वाड्रिलेटरल और उत्तर-दक्षिण गलियारों पर माल ढुलाई के ट्रैफिक को सुगम बनाने की परिकल्पना की गई है। छत्तीसगढ़ में इसी परियोजना के तहत रायपुर से विशाखापत्तनम के बीच सड़क निर्माण का काम चल रहा है। आरोप है कि इस कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण के दौरान मुआवजे की बंदरबांट हुई, जिसमें फर्जीवाड़ा कर सरकारी खजाने को भारी चपत लगाई गई।
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हाथ लग सकते हैं कई डिजिटल साक्ष्य
प्रवर्तन निदेशालय की यह छापेमारी कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस तलाशी अभियान के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य हाथ लग सकते हैं, जो इस घोटाले की परतों को खोलने में मदद करेंगे। वर्तमान में, ईडी की टीमें संबंधित ठिकानों पर मौजूद फाइलों और वित्तीय रिकॉर्ड्स की जांच कर रही हैं।
