

दुर्ग के चर्चित चेतन साहू हत्याकांड में कोर्ट ने सुनाया फैसला।
युवती पहले चेतन साहू के साथ प्रेम संबंध में थी।
दूसरे बॉयफ्रेंड ने रची हत्या की साजिश।
नए प्रेमी के कहने पर चेतन को मिलने बुलाया।
Chetan Sahu Murder Case in Durg: पुराने प्रेम संबंध, नए प्रेमी की एंट्री और फिर खूनी साजिश, दुर्ग के चर्चित चेतन साहू हत्याकांड में जिला न्यायालय के फैसले ने उस वारदात को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है, जिसमें युवक की हत्या के मामले में युवती रोशलीन उर्फ रोशनी लकड़ा समेत तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
इस मामले की एक अहम कड़ी यह भी है कि मृतक चेतन साहू और आरोपी रोशलीन लकड़ा की मां, दोनों पुलिस विभाग में आरक्षक हैं। कभी न्यू पुलिस लाइन दुर्ग में रहने वाली रोशलीन अपनी मां के तबादले के बाद उसके साथ सरगुजा चली गई थी और वहां उसका कसारीडीह दुर्ग निवासी कुलेश्वर साहू प्रेम संबंध हो गया था। घटना के पहले रोशलीन अपने नए प्रेमी कुलेश्वर साहू से मिलने दुर्ग आई थी, जिसके बाद ये घटना हुई थी।
पुलिस से जुड़े घटनाक्रम के अनुसार, रोशलीन लकड़ा पहले चेतन साहू के साथ प्रेम संबंध में थी। रोशलीन की मां का तबादला होने के बाद वह उनके साथ सरगुजा चली गई थी। वहां रोशलीन का कुलेश्वर से प्रेम संबंध हो गया। इसके बाद चेतन और रोशलीन के रिश्ते में तनाव बढ़ने लगा।
बता दें कि घटना से कुछ दिन पहले रोशलीन अपने नए प्रेमी कुलेश्वर से मिलने के पद्मनाभपुर स्थित न्यू पुलिस लाइन के आवास पर आई थी। इसी दौरान चेतन उस पर बार-बार बातचीत करने का दबाव बना रहा था। रोशलीन ने इसकी जानकारी अपने नए प्रेमी कुलेश्वर को दी। जिसके बाद नए प्रेमी ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर चेतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
योजना के तहत रोशलीन को चेतन को कसारीडीह स्थित आयुष्मान हॉस्पिटल के पास बुलाने के लिए कहा गया। इसके बाद रोशलीन ने चेतन को वहां मिलने बुलाया। 29 दिसंबर 2024 की रात चेतन जब मौके पर पहुंचा, तो वहां उसके साथ मारपीट की गई। इस हमले में गंभीर रूप से घायल चेतन की मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने रोशलीन लकड़ा, उसके नए प्रेमी कुलेश्वर साहू, आकाश लेशलहरे और तीन नाबालिग को गिरफ्तार किया था। नाबालिग आरोपियों का मामला किशोर न्यायालय में विचाराधीन है।
थाना पद्मनाभपुर में दर्ज अपराध क्रमांक 437/2024 के मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायालय, दुर्ग ने 14 अक्टूबर 2026 को फैसला सुनाया। न्यायालय ने रोशनी उर्फ रोशलीन लकड़ा (19), कुलेश्वर साहू (19) और आकाश देशलहरा (19) को दोषसिद्ध करते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1)/190 और धारा 61(2) के तहत आजीवन कारावास सहित अन्य धाराओं में भी सजा और अर्थदंड सुनाया।
न्यायालय ने सजाएं साथ-साथ चलाने तथा न्यायिक अभिरक्षा में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश दिया। तीनों दोषसिद्ध आरोपियों में रोशलीन लकड़ा वर्तमान में अंबिकापुर, जिला सरगुजा की निवासी है, जबकि कुलेश्वर साहू और आकाश देशलहरा दुर्ग के कसारीडीह क्षेत्र के रहने वाले हैं।
मामले की विवेचना निरीक्षक केशव राम कोसले ने की, जबकि सहायक जिला लोक अभियोजक संजय शुक्ल ने न्यायालय में अभियोजन पक्ष की पैरवी की। पुलिस के मुताबिक, साक्ष्यों के संकलन और प्रभावी विवेचना के बाद आरोपियों को दोषसिद्ध कराने में सफलता मिली।